- केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू में भी कानून की पढ़ाई शुरू करने की मांग
जम्मू। प्रदेश में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। शनिवार को जम्मू विश्वविद्यालय के लॉ विभाग छात्रों ने साफ कहा कि संतुलन और न्याय तभी संभव है, जब जम्मू और कश्मीर दोनों क्षेत्रों में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी स्थापित की जाए। साथ ही कश्मीर की तरह केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू में कानून की पढ़ाई शुरू करने की भी मांग उठाई गई। छात्रों ने चेतावनी दी है कि मांग अनसुनी रही तो आंदोलन को तेज किया जाएगा।
एनएलयू फॉर जम्मू अभियान के तहत आयोजित पत्रकार वार्ता में अधिवक्ता केतन कुमार ने कहा कि एनएलयू का मतलब केवल एक शहर नहीं, बल्कि जम्मू प्रांत के दस जिलों के छात्रों का शैक्षणिक अधिकार है। नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की स्थापना केंद्र सरकार नहीं, बल्कि राज्य या केंद्र शासित प्रदेश सरकार के अधिकार क्षेत्र में आती है और इसके लिए निर्णय और बजट स्थानीय सरकार को ही तय करना होता है।
क्षेत्रीय असमानता का हवाला देते हुए कहा कि 2024-25 में जम्मू क्षेत्र से करीब 4,500 करोड़ का जीएसटी संग्रह हुआ जबकि श्रीनगर से लगभग 1,500 करोड़ का योगदान रहा। इसके बावजूद विधि शिक्षा में जम्मू को बराबरी का अवसर नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया कि वह मुद्दे को लेकर साथियों के साथ उपराज्यपाल से भी मांग उठा चुके हैं। इस दौरान अर्शी शर्मा, रिदम वर्मा और आकाश भगत मौजूद रहे।