मुकेश के पिता बोले- बेटे ने कहा था देव स्थान पर धूमधाम के साथ यज्ञ करें, नये मकान में ही शादी का था कार्यक्रम
परमंडल/सांबा। जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले के कामीला गांव के वीर सपूत मुकेश सिंह की शहादत से पूरा क्षेत्र शोक में डूब गया। उनके अंतिम संस्कार में हजारों लोग शामिल हुए और उन्हें नम आंखों से श्रद्धांजलि दी।
जैसे ही तिरंगे में लिपटा मुकेश का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, माहौल गमगीन हो गया। माता पोली देवी बेसुध हो गईं, वहीं पिता सिकतर सिंह अपने बेटे की शहादत पर गर्व महसूस करते हुए भी अंदर से टूट चुके थे।
सेना के वाहन के आगे स्थानीय युवकों ने हाथों में तिरंगा लेकर ‘मुकेश अमर रहे’ और ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ के नारे लगाए। पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ था और लोग घरों की छतों से मुकेश के अंतिम दर्शन कर रहे थे।
शहादत से ठीक पहले किया था पिता से आखिरी वादा
मुकेश के पिता सिकतर सिंह ने बताया कि तीन दिन पहले मुकेश का फोन आया था। घर में एक देव स्थान पर यज्ञ और भंडारे की बात हुई थी। मुकेश ने कहा था कि ‘भंडारा धूमधाम से करना’। इसके अलावा अपनी शादी की चर्चा भी की थी। वह नया मकान बना रहा था और वहीं शादी करने की योजना थी। लेकिन यज्ञ के भंडारे की शाम को ही उन्हें बेटे के घायल होने की खबर मिली, और रात को शहादत की सूचना ने पूरे परिवार को झकझोर दिया।
शादी की खरीदारी कर चुके थे मुकेश और उनके दोस्त
मुकेश के सहपाठी महेश ने बताया कि जब मुकेश छुट्टी पर आया था, तब उन्होंने साथ में जम्मू से शादी का सामान खरीदा था।मुकेश ने कहा था कि ‘शादी के नजदीक छुट्टी नहीं मिलेगी, इसलिए अभी ही खरीदारी कर लेते हैं’। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
सेना के जवानों ने गौरवपूर्ण सलामी दी और बड़े भाई ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा, विधायक चंद्र प्रकाश गंगा, डीडीसी अवतार सिंह सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए।