खुद को पुलिस बताकर घर में घुसे आतंकी
मगरे के पड़ोसियों के अनुसार, शनिवार रात को कुछ बंदूकधारी आए और दरवाजा खटकटाया। पूछने पर खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए घर की तलाशी लेने की बात कही। गुलाम रसूल ने दरवाजा खोला तो वहां मौजूद नकाबपोश बंदूकधारियों ने उसे गोली मार दी। गोली रसूल के पेट में लगी। उसे इलाज के लिए परिजन अस्पताल में ले गए। इलाज के दौरान रविवार को उसकी मौत हो गई।
पाकिस्तान में बैठकर आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहा मगरे
सूत्रों के अनुसार, गुलाम रसूल का भाई मोहिउद्दीन मगरे लश्कर का आतंकवादी है। वह पाकिस्तान में बैठकर आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। कश्मीर के युवाओं को बरगालाकर आतंकी प्रशिक्षण के लिए पाकिस्तान जाने में मदद करता है। उधर, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद गनी लोन ने गुलाम रसूल की मौत की गहन जांच करने की मांग की है।