उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले के हाजिन इलाके में हाल में हुई स्थानीय लोगों की हत्याओं से हर वर्ग में हो रही निंदा के बाद लश्कर ने इन घटनाओं से किनारा किया है। पुलिस की ओर से किए गए दावे पर संगठन ने कहा कि इन घटनाओं के पीछे लश्कर आतंकियों का हाथ नहीं है।
बेगुनाहों को मारने वाले हमारे में से नहीं हैं और न ही वह आतंकी हैं। इसके पीछे एजेंसियों का हाथ है। हाजिन के खोसा मोहल्ला में वीरवार देर रात तरावी की नमाज के बाद लश्कर के दो आतंकी इलाके में पहुंचे। इनमें से एक स्थानीय आतंकी मोहम्मद सलीम पररे भी था जो 2017 में लश्कर में शामिल हुआ था। इस दौरान सलीम ने लोगों से कहा कि इलाके के हिलाल अहमद पररे और मोहम्मद याकू वागे की हत्या में उसका कोई हाथ नहीं है।
उसने लोगों से घटनाओं को अंजाम देने वालों को बेनकाब करने और ऐसे लोगों को संभव हो तो पकड़ कर उनके हवाले करने को कहा। आतंकी लोगों के बीच कई घंटे बिताने के बाद हवाई फायर करते हुए निकल गए। गौरतलब है कि 16 मई को हिलाल का शव एक सेब के बगीचे से बरामद हुआ था जबकि 24 मई को अज्ञात बंदूकधारियों ने याकूब का गला उसकी पत्नी और छोटे बेटे के सामने रेत डाला था। इन हत्याओं की हर वर्ग ने निंदा की थी।