अमरनाथ यात्रा का उत्साह गरमी के साथ ही बढ़ता जा रहा है। भारी उमस और गरमी की परवाह किए बिना शुक्रवार शाम से शनिवार शाम तक राज्य में सड़क मार्ग से श्रद्धालुओं का इस वर्ष अब तक का सबसे बड़ा जत्था दाखिल हुआ। 293 छोटे-बड़े वाहनों में 5614 श्रद्धालु बाबा अमरनाथ बफार्नी का जयघोष करते दाखिल हुए। दिन के मुकाबले रात के समय श्रद्धालु अधिक संख्या में दाखिल हो रहे हैं। इस समय गरमी भी कम रहती है।
लखनपुर रिसेप्शन सेंटर से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 4099 पुरूष, 1434 महिलाएं, 80 बच्चे और एक साधु राज्य में लखनपुर के रास्ते आए। वहीं लखनपुर में हर वर्ग के लोग श्रद्धालुओं के आने से खुश हैं। इससे जहां रोजगार को बढ़ावा मिल रहा है। स्थानीय लोग भी श्रद्धालुओं की निस्वार्थ सेवा में बढ़-चढ़ कर भाग ले रहे हैं। राम नाटक सभा लखनपुर के सदस्यों ने अमरनाथ और वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए लंगर लगाया।
राज्य के प्रवेशद्वार पर रिसेप्शन सेंटर के नजदीक लंगर लगाते हुए उन्होंने श्रद्धालुओं की कुशल यात्रा की कामना की। इस मौके पर जानकारी देते हुए राम नाटक सभा के प्रधान दिलीप टाक ने बताया कि क्लब के सदस्य हर साल श्रद्धालुओं के लिए लंगर की व्यवस्था करते हैं। इसके साथ ही श्रद्धालुओं को यात्रा से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध करवाई जाती है। इस मौके पर सभा के अन्य सदस्यों ने भी बढ़-चढ़ कर बाबा के भक्तों की सेवा की।
बाबा देते हैं भूखे को अन्न, प्यासे को पानी
बाबा बफार्नी के भक्त मानते हैं कि बाबा बफार्नी भूखे को अन्न और प्यासे को पानी देते हैं। इसके साथ ही सबकी मनोकामनाओं को भी पूरा करते हैं। कुछ ऐसा ही नजारा लखनपुर में लंगर के दौरान भी देखने को मिला। गरीब और असहाय बच्चों को भी लंगर में भरपेट खाने को मिला। बाबा के भक्तों के लिए सिर्फ लखनपुर में ही नहीं अन्य स्थानों पर लगे लंगरों में भी इस तरह का नजारा देखा जा सकता है। भिक्षुक हो या फिर गरीब बाबा के सेवादार हर किसी की सेवा में आतुर नजर आ रहे हैं।