रियासी। तलवाड़ा विस्थापित कॉलोनी में शनिवार को दूसरे दिन भी पहाड़ों से पानी के साथ मलबा पांच आवासों में चला गया, जिससे आवास क्षतिग्रस्त हो गए। इससे पहले शुक्रवार को भूस्खलन में लगभग 10 आवास क्षतिग्रस्त हुए थे। पीड़ितों को एक शेड में ठहराया गया था। उनका कहना है कि लोगों को सांप और बिच्छुओं के बीच रहना पड़ रहा है। खाना भी नहीं दिया जा रहा।
शुक्रवार की रात एक शेड में जाग कर गुजारने वाले विस्थापितों ने कहा कि अगर उन्हें स्थायी मदद नहीं दी गई तो वे सड़कों पर उतर आएंगे। इस दौरान उन्होंने जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। विस्थापित महिला सदरो देवी ने कहा कि शुक्रवार दोपहर को उसकी बेटी आवास में सोई हुई थी। इस दौरान खतरे को भांपते हुए उसने समय रहते बेटी को बाहर निकाल लिया। आनन फानन थोड़ा जरूरी सामान भी निकाल लिया था। भूस्खलन में नौ आवास पुरी तरह ढह गए हैं। अधिकारी आते हैं और सिर्फ फोटो लेते हैं। कार्रवाई होती नहीं।
ऊषा देवी बताती हैं कि मिट्टी के मलबे ने उनको संभलने का मौका भी नहीं दिया। उनके पास गाय व बकरी थी, जिनका अब कुछ नहीं पता। बहुत मुश्किल से परिवार को बचाया है। अब वह कहां रहने जाएंगे, कुछ पता नहीं है। वहीं, दिलीप सिंह ने कहा कि पहाड़ी का काफी हिस्सा दरक गया है। उसके साथ मलबा भी आया, और दर्जन भर आवास क्षतिग्रस्त हो गए। कई आवास अब भी इसकी जद में हैं। अगर दोबारा बारिश होती है तो और ज्यादा नुकसान होने की संभावना है।
दलीप सिंह ने बताया कि प्रशासन ने जिस शेड में उन्हें रात गुजारने को कहा था, वह बिल्कुल रहने लायक नहीं है। रात को वहां सांप और बिच्छू घूम रहे थे। बच्चों को रात को खाने के लिए भी कुछ नहीं दिया गया। सभी लोग परेशानी के साथ रहने को मजबूर हैं।
--------
लोगों को नहीं मिल रहीं सुविधाएं
विस्थापित कॉलोनी में हुई तबाही के बाद मौके पर पहुंचे माइग्रेंट एक्शन कमेटी के अध्यक्ष बलवान सिंह तथा प्रधान जगदेव सिंह ने कहा कि आवासों के खस्ता हाल के बारे में जिला प्रशासन को कई बार अवगत करवाया गया है। बीते वर्ष भी बरसात के मौसम में पानी कई आवासों में घुस गया था। तब भी विस्थापितों ने प्रशासन से इनकी मरम्मत करने को कहा था। सुप्रीम कोर्ट ने भी उन्हें कश्मीरी विस्थापितों की तरह सभी सुविधाएं देने का निर्देश दिया है, लेकिन उनको कोई सुविधा नहीं मिल रही हैं।
------
तहसीलदार ने दूसरे दिन भी लिया जायजा
तहसीलदार मुंशी राम शनिवार को दूसरे दिन भी मौके पर पहुंचे। इस दौरान क्षतिग्रस्त आवासों में रहने वाले लोगों की पूरी सूची तैयार की गई। उन्होंने लोगों को भूस्खलन प्रभावित स्थान से दूर रहने को कहा। इस दौरान उन्होंने विस्थापितों की कमेटी के सदस्यों से भी बात की। उन्होंने आश्वासन दिया कि यह रिपोर्ट जल्द उच्चाधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी, जिससे लोगों को जरूरी सुविधाएं मिल सकें।
एक बजुर्ग महिला को सुरिक्षत स्थान पर ले जाते हुए युवक।- फोटो : REASI