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चीन से तनाव के बीच पूर्व लद्दाख के लिए 245 करोड़ का पैकेज मंजूर

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चीन से तनाव के बीच पूर्वी लद्दाख के (फोटो)
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चंगथंग क्षेत्र को 245 करोड़ का पैकेज
- सुविधाओं के अभाव में पलायन कर रहे थे पश्मीना और याक पालक
- अब एलएसी पर ही मिलेंगी सुविधाएं, पैकेज का सामरिक महत्व भी
ओमपाल संब्याल
जम्मू। चीन से तनाव के बीच पूर्वी लद्दाख में एलएसी से सटे चंगथंग क्षेत्र के बाशिंदों के लिए केंद्र ने 245 करोड़ रुपये के पैकेज को मंजूरी दे दी है। लंबे समय से विचाराधीन इस विशेष पैकेज को मंजूरी का मकसद पश्मीना बकरी पालकों समेत अन्य पशुपालकों को एलएसी पर सुविधाएं देना है। 21 हजार वर्ग किलोमीटर के दायरे में फैले दूरदराज और अलग-थलग चंगथंग इलाके में इस पैकेज से तमाम सुविधाएं दी जाएंगी। पश्मीना प्रोत्साहन के साथ इस पैकेज के पीछे सरहदी इलाके में सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करने से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
दरअसल, पूर्वी लद्दाख में चंगथंग क्षेत्र एलएसी से बिल्कुल सटा हुआ है। 21 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में 16 हजार आबादी तीन लाख से ज्यादा मवेशियाें के साथ रहती है। इनमें से कई परिवार पश्मीना बकरी का पालन करते हैं। सुविधाओं के अभाव में पशुपालक एलएसी से पलायन करते आ रहे थे। वर्ष 2015 में केंद्र को 650 करोड़ रुपये के पैकेज का प्रस्ताव भेजा गया था। समीक्षा के बाद अब 245 करोड़ के पैकेज को मंजूरी दे दी गई है। 28 अगस्त को मंजूरी मिलने के बाद उपराज्यपाल आरके माथुर ने न्योमा ब्लॉक में आधिकारिक रूप से इसकी सूचना दे दी।
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चंगथंग की पश्मीना ऊन
दुनिया में सबसे बेहतरीन
जम्मू। लद्दाख के चंगथंग क्षेत्र में पश्मीना बकरी की ऊन दुनिया में सबसे बेहतरीन मानी जाती है। सुविधाएं नहीं होने की वजह से लद्दाख में पश्मीना ऊन का कुल उत्पादन 50 टन है। यहां केवल कच्ची ऊन का ही उत्पादन होता है, जिसे 2500 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचा जाता है। पश्मीना ऊन उत्पादकों को साल के 365 दिन बकरियों के साथ रहना पड़ता है। 245 करोड़ के पैकेज में पश्मीना ऊन उत्पादन से लेकर ऊन कटाई की दो इकाईयां स्थापित करने का भी प्रावधान होगा। लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद में वन्य जीव एवं पशुपालन विभाग के कार्यकारी पार्षद कोंचोक स्टेंजिन ने बताया कि इस पैकेज से पश्मीना यार्न (धागा) बैंक बनाने का प्रस्ताव है। वैल्यू एडीशन से पश्मीना पालकों का कारोबार वर्तमान के 17 करोड़ से बढ़कर आसानी से 100 करोड़ तक पहुंच जाएगा। भविष्य में चंगथंग को दुनिया की सबसे बड़ी पश्मीना बेल्ट के रूप में जाना जाएगा। कपड़ा मंत्रालय जल्द ही पश्मीना बकरी के बाल उतारने की मशीनें भेज रहा है।
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