फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लद्दाख : क्वारंटीन केंद्र से भी बच्चों को पढ़ा रहा शिक्षक

सार

  • प्रतिदिन ऑनलाइन लेते हैं बच्चों की क्लास
  • उनके इलाके में मिले संक्रमित तो खुद हुए कवारंटीन
विज्ञापन
कोरोना थर्मल स्कैनिंग - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख का एक कोरोना संक्रमित शिक्षक अपने छात्रों को इस अवधि में भी ऑनलाइन पढ़ाई करा रहा है। इतना ही नहीं वह यूट्यूब पर वीडियो डालकर उनकी मदद कर रहा है। यहां के एक आइसोलेशन सेंटर में किफायत हुसैन जूम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म का उपयोग कर कक्षा 9 व 10 के छात्रों के लिए ऑनलाइन वीडियो उपलब्ध करा रहे हैं ताकि बच्चों को गणित का सूत्र एवं बीजगणित का गूढ़ रहस्य समझ में आ सके। 
विज्ञापन


शिक्षक ने बताया कि वह मिला जुला काम कर रहे हैं। वह ऑनलाइन कक्षा भी ले रहे हैं और पहले से रिकॉर्ड वीडियो भी डाल रहे हैं क्योंकि अस्पताल में इंटरनेट की समस्या रहती है। हुसैन ने कहा, अध्यापन केवल मेरी नौकरी नहीं है बल्कि यह मेरा जुनून है। मुझे इस बात की चिंता थी कि छात्र अपनी पढ़ाई में पीछे न रह जायें। अगर भविष्य में मैं पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए जल्दी-जल्दी पढ़ाया तो उन पर यह बोझ बन जायेगा। 

उन्होंने कहा, मेरे पास सिखाने के लिए पर्याप्त ताकत है इसलिए मैंने सोचा कि मुझे इसे आजमाना चाहिए। हुसैन ने कहा कि कुछ लोगों में वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है और उनके गांव को निषिद्ध क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। इसके बाद उन्होंने क्षेत्र के लामडन मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में छात्रों को जोखिम में डालने से बचाने के लिए खुद का परीक्षण करने का फैसला किया।
विज्ञापन


जब उनसे पूछा गया कि वह क्या वह डरे हुए हैं, हुसैन ने कहा नहीं मुझे जो देखभाल मिल रही है उससे मैं जल्द ही ठीक होने की उम्मीद करता हूं। हालांकि मुझे कोई संक्रमण नहीं है फिर भी मुझे लगा कि मैं इसका कारण बन सकता हूं इसलिए मैंने खुद के परीक्षण का फैसला लिया और 30 अप्रैल को स्थानीय अस्पताल में परीक्षण के लिए पहुंच गया। 

मेरे प्रिंसिपल व साथी शिक्षकों ने बच्चों के साथ जुड़ने के लिए शिक्षण जारी रखने की अनुमति दी। इसके बाद प्रशासन से इसके लिए अनुमति भी दिलाई। मेरे स्कूल ने मुझे डिजिटल बोर्ड और पेन प्रदान किए और मैंने जूम के माध्यम से दैनिक कक्षाएं संचालित करना शुरू कर दिया।

प्रिंसिपल ने सराहा
स्कूल के प्राचार्य डॉ. स्टैनजनर डावा ने कहा कि एक शिक्षक एक मार्गदर्शक होता है और बच्चे में प्रतिभा का निर्माण करता है। प्रिंसिपल ने कहा कि वे प्रार्थना करते हैं कि वह शीघ्र स्वस्थ हो जाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें