लद्दाख के उपराज्यपाल ब्रिगेडियर डॉ. बीडी मिश्रा (सेवानिवृत्त) ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जी20 की परिकल्पना साकार हुई। इस देश के युवा बुद्धिमान, प्रतिबद्ध, समर्पित हैं और आगे का रास्ता जानते हैं। वे अपनी क्षमताओं के कारण देश का भविष्य हैं। वह लेह में जी-20 के तहत चल रहे युवा सम्मेलन में वीरवार को बोल रहे थे।
उन्होंने पारंपरिक पोशाक पहने और घोड़ों की सवारी करने वाले खिलाड़ियों के साथ दुनिया भर में शीर्ष पर पहुंचे पोलो के बारे में भी चर्चा की, जो लद्दाख की बेजोड़ पहचान है। कार्बन उत्सर्जन को शून्य के स्तर तक पहुंचाने की दिशा में उठाए गए कदम के बारे में उपराज्यपाल ने कहा कि सरकार ई-वाहनों को अपनाने, आधुनिक ऊर्जा कुशल ग्रीनहाउस का निर्माण करने और जल जीवन मिशन का समर्थन करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। जी20 राष्ट्रों के प्रतिनिधियों के प्रमुख को उपराज्यपाल द्वारा केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख के प्रशासन की ओर से स्मारिका उपहार के साथ सम्मानित किया गया।
युवा कार्य विभाग में सचिव श्रीमती मीता राजीवलोचन ने कहा कि सभी युवा उन विषयों पर बहस करेंगे जो मानवता के भविष्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं, चाहे वह कार्य का भविष्य, जलवायु परिवर्तन, शांति निर्माण और सुलह, लोकतंत्र और शासन में युवा या हेल्थ एंड वैलनेस हो। इनमें से प्रत्येक विषय का हम पर प्रभाव पड़ रहा है और भविष्य में भी पड़ेगा।
उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि आप वर्तमान हैं और आप भविष्य भी हैं। युवा आज भारत और दुनिया भर में कई तरह से घटनाक्रम के उतार-चढ़ाव का प्रत्यक्ष मार्गदर्शन कर रहे हैं। चाहे वह राजनीति हो, व्यवसाय हो, शिक्षा हो, अनुसंधान हो। सभी क्षेत्र में युवा आगे बढ़कर नेतृत्व कर रहे हैं और भारत में हम इसे किसी अन्य की तुलना में अधिक देखते हैं।
विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव नागराज नायडू काकानूर ने कहा कि युवा लोग जलवायु संकट से उत्पन्न चुनौतियों और जोखिमों और जलवायु महत्वाकांक्षा और जलवायु कार्रवाई के माध्यम से सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के अवसर के बारे में तेजी से जागरूक हो रहे हैं। जलवायु के मुद्दे पर दुनिया भर में युवाओं की अभूतपूर्व लामबंदी निर्णय लेने की उनकी विशाल शक्ति को दर्शाती है।
यूथ20 सचिवालय के अध्यक्ष अनमोल सोवित ने कहा कि भारत अपनी समृद्ध संस्कृति, क्षेत्रीय विविधता के साथ-साथ अपने भौगोलिक इलाकों के लिए भी प्रसिद्ध है। इस बार जब भारत जी20 की अध्यक्षता कर रहा है तो यह उस भूमिका को प्रदर्शित करता है जो भारत को अपनी बड़ी युवा आबादी के साथ निभानी है।
भारतीय राष्ट्रीय युवा विज्ञान अकादमी (आईएनवाईएएस) की टीम द्वारा हेल्थ एंड वेलबीइंग- इंडियन पर्सपेक्टिव विषय पर आधारित एक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें मॉडरेटर के रूप में प्रो. राजेंद्र एस. ढाका, डॉ. प्रदीप बनंदूर, डॉ. पंकज बराह, डॉ. कल्पना नागपाल, डॉ. धीरज भाटिया, डॉ. रिगज़िन समनला, डॉ. शालिनी आर्य और डॉ. शरणजीत धवन शामिल थे। सत्र के बाद युवा प्रतिनिधियों के साथ संवाद सत्र आयोजित किया गया जहां पैनलिस्टों द्वारा उनकी चिंताओं और प्रश्नों का समाधान किया गया।
यूथ20 के विषयों में से जलवायु परिवर्तन और आपदा जोखिम में कमी: स्थिरता को जीवन का एक तरीका बनाना के आधार पर शैक्षिक परिसर में स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए सतत परिसर चुनौती का आयोजन किया गया था। गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज, कारगिल की टीम को उनकी प्रस्तावित परियोजना रीसायकल, रिड्यूस एंड रियूज; कॉलेज में स्टेशनरी वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम के लिए प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। टीम में फरजाना, सईदा बानो, आसिया बतूल और कनीज फातिमा शामिल थीं।