प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने की कार्रवाई, उनके राज्य छत्तीसगढ़ भेजा
संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा। गांव बड़ीला स्थित एक ईंट भट्ठे से प्रशासनिक अधिकारियों ने सोमवार को 65 बंधुआ मजदूरों को मुक्त करवाकर परिवार सहित उनके घर के लिए रवाना किया है। तहसीलदार आरएस पुरा शुभु अहमद साद ने बताया कि ईंट भट्ठे पर मजदूरों को बंधक बनाकर रखने की शिकायत मिलने पर कार्रवाई हुई है। वहीं, ब्रिक किल्लन एसोसिएशन का कहना है कि मजदूरों ने भट्ठा मालिक से छह लाख रुपये एडवांस लिए हैं। प्रशासन को पहले जांच करनी चाहिए थी।
जानकारी के अनुसार बड़ीला के डबल जेड ईंट भट्टे पर कई लोगों को बंधुआ मजदूर बनाकर रखने की शिकायत उनके परिजनों ने की थी। इसके चलते सोमवार को श्रम आयुक्त जम्मू कार्यालय के अधिकारियों सहित तहसीलदार आरएस पुरा पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहां रह रहे मजदूरों से बात की। मजदूरों ने बताया कि उन्हें जबरदस्ती भट्ठा मालिक ने रखा है। तहसीलदार ने बताया कि बंधुआ मजदूरों की शिकायत पर टीम ने भट्टे से सात परिवारों के 65 लोगों को मुक्त करवाया। इनमें 30 पुरुष, 25 महिलाएं और 10 बच्चे थे। उन्हें उनके राज्य छत्तीसगढ़ भेजा गया। इस दौरान एसडीपीओ आरएस पुरा निखिल गोगना, थाना प्रभारी पवन डोगरा, आदि मौजूद रहे।
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मजदूरों ने भट्ठा मालिकों से लिए थे छह लाख रुपये एडवांस
ब्रिक किल्लन एसोसिएशन जम्मू संभाग के उपाध्यक्ष जगजीत सिंह जग्गा ने कहा है कि ईंट भट्ठों पर काम कर रहे मजदूरों ने भट्ठा मालिकों सेे एडवांस में छह लाख रुपये लिए हैं। प्रशासन को चाहिए था कि वह इस बारे में पहले पूरी जांच करनेे के बाद ही कार्रवाई करता। ताकि, भट्ठा मालिकों के साथ भी इंसाफ होता। उन्होंने कहा कि मजदूर अधिनियम के तहत किसी मजदूर को जबरदस्ती रोका नहीं जा सकता। इसके चलते प्रशासनिक टीम ने तमाम मजदूरों को उनके घर भेजा दिया।