इस प्रक्रिया में मरीज को इंफेक्शन से बचना होता है, जबकि उसका घर पर ही डायलिसिस हो जाता है। सूत्रों के अनुसार पेरिटोनियल डायलिसिस को जम्मू और कश्मीर के दो-दो जिलों में शुरू में पायलट स्तर पर शुरू किया जाएगा, जिसके बाद चरणबद्ध तरीके से इसे बाकी जिलों तक पहुंचाया जाएगा।
वरिष्ठ नेफ्रोलॉजिस्ट डा. एसके बाली ने बताया कि मेडिकल कॉलेज जम्मू में 2002 के बाद सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में पेरिटोनियल डायलिसिस सेवा को शुरू किया गया था। लेकिन जिला स्तर पर यह सेवा शुरू होने से मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्हें डायलिसिस के लिए लंबा सफर तय करके शहरी अस्पतालों तक नहीं आना पड़ेगा।