कटड़ा नवरात्रि महोत्सव
- फोटो : अमर उजाला
सबसे पहले नौ कन्याओं का पूजन कर तीन पिंडियों की झांकी को आगे रखा जाता है। इसके बाद राधा कृष्ण, बाबा जीतो, कूश्मांडा माता का स्वरूप, राम सीता वनवास, श्री गणेश, माता की पालकी स्वरूप, गोजरी, लद्दाखी, राजस्थानी, आदि झांकियां निकाली गईं। इनमें विभिन्य राज्यों की संस्कृति होगी साफ झलक रही थी। झांकी के समय शाम सात बजे मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई।
कटड़ा नवरात्रि महोत्सव
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झांकी निकलते ही बड़ी संख्या में लोग मार्ग के दोनों ओर झांकियों देखने के लिए बेताब थे। शोभायात्रा आते ही माता के जयकारों से धर्मनगरी गूंज उठी, और पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।
माता वैष्णो देवी के दरबार में प्रथम नवरात्र पर सोमवार को 42 हजार भक्तों ने भवन में माथा टेका था। वहीं, मंगलवार को यह संख्या 38216 रही। तीसरे दिन बुधवार को भक्तों का आंकड़ा 34115 तक पहुंचा। पंजीकरण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार वीरवार दोपहर 12 बजे तक 15 हजार श्रद्धालु अपना पंजीकरण करवाकर माता के भवन की ओर प्रस्थान कर चुके थे। वहीं, दोपहर तीन बजे तक 21 हजार और शाम आठ बजे तक 30 हजार से अधिक भक्त भवन की ओर माता के जयकारे लगाते हुए बढ़े।
कटड़ा नवरात्रि महोत्सव
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जानकारी के लिए बता दें कि शनिवार व रविवार को भक्तों की संख्या में फिर से उछाल आएगा। अनुमान है कि नवरात्रि में भक्तों की संख्या साढ़े तीन लाख तक पहुंच सकती है।