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सीआईएसएफ जवान ने चार साथियों को भूना: छह साल बाद फिर अपनों पर चली गोली, बसोहली ने दिलाई बट्टल वालियां की याद

Wed, 30 Sep 2026 10:44 AM IST
Sharukh Khan अरुण कुमार, अमर उजाला, जम्मू

सार

जम्मू के कठुआ में छह साल बाद एक बार फिर अपनों पर गोलियां चलने का मामला सामने आया है। बसोहली ने बट्टल वालियां की याद दिला दी। 2019 में तीन सीआरपीएफ जवानों की मौत के बाद अब चार सीआईएसएफ जवानों ने जान गंवाई है।
 
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kathua firing - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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जम्मू के कठुआ के बसोहली में हुई घटना ने 21 मार्च 2019 की उस घटना की याद दिलाई है, जब उधमपुर के बट्टल वालियां स्थित 187 बटालियन में देर रात सीआरपीएफ के एक कांस्टेबल ने अपने तीन साथियों को गोली मारकर हत्या कर दी थी। 
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देश की सुरक्षा के लिए कठिन परिस्थितियों में तैनात सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों को लंबे समय तक तनावपूर्ण माहौल में ड्यूटी करनी पड़ती है। ऐसे में कई बार आपसी कहासुनी, विवाद या छुट्टी को लेकर हुई तकरार गंभीर रूप ले लेती है।

जम्मू-कश्मीर में पिछले वर्षों में सेना, पुलिस, सीआरपीएफ, बीएसएफ और सीआईएसएफ के कैंपों में साथी जवानों पर फायरिंग की ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं। 
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2019 की बट्टलवालियां घटना में कांस्टेबल अजित सिंह ने कहासुनी के बाद अपनी सर्विस राइफल से हेड कांस्टेबल तेजिंदर, हेड कांस्टेबल पावर मल और हेड कांस्टेबल ओम प्रकाश पाल पर गोलियां चला दी थीं। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई थी। 

 

इसके बाद अजित ने खुद को भी गोली मार ली थी। अब बसोहली की घटना में चार सीआईएसएफ जवानों की मौत ने एक बार फिर सुरक्षा बलों के भीतर सामने आए ऐसे मामलों की पुरानी घटनाओं को चर्चा में ला दिया है।

केस हिस्ट्री
  • 2017 बांदीपोरा बीएसएफ कैंप में साथी जवान ने कांस्टेबल चंद्रभान को गोली मार दी। फायरिंग की स्पष्ट वजह सामने नहीं आई थी
  • 2018 भद्रवाह सेना कैंप कहासुनी के बाद हवलदार राजेश डकुआ को गोली मारी, जिसमें उनकी मौत हो गई।
  • 2019 पंथा चौक, श्रीनगर सीआरपीएफ कैंप बहस के बाद साथियों पर फायरिंग, दो जवान घायल।
  • 2019 बट्टल बलियां, उधमपुर सीआरपीएफ कैंप में फायरिंग में तीन जवानों की मौत, शुरुआती जांच में कहासुनी की बात।
  • 2020 सूई, उधमपुर सीआईएसएफ कैंप में विवाद के बाद दो साथियों पर गोली चलाई, एक की मौत।
  • 2022 बगलिहार, रामबन सीआईएसएफ कैंप ब्रीफिंग के दौरान साथी पर फायरिंग, एक जवान घायल।
  • 2024 रेहंबल, उधमपुर जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान ने बहस के बाद साथी को गोली मारी, बाद में खुद को भी गोली मार ली।
  • 2026 बसोहली, कठुआ सीआईएसएफ कैंप साथी जवानों के साथ विवाद के बाद फायरिंग में चार जवानों की मौत

सीआईएसएफ जवान ने चार साथियों को गोलियों से भूना
हिमाचल प्रदेश की सीमा से सटे कठुआ जिले के हट्ट माश्का गांव में मंगलवार शाम पत्नी व बच्चे को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी वारदात में बदल गया। सेवा-2 हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की सुरक्षा में तैनात बिहार निवासी सीआईएसएफ के हेड कांस्टेबल अवधेश सिंह ने शाम करीब सात बजे कैंप में सर्विस राइफल से फायरिंग कर दी। 

गोली लगने से असिस्टेंट कमांडेंट एवं कंपनी कमांडर अंकित कुमार पांडेय, सब इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह, कांस्टेबल रफीक अहमद और कांस्टेबल संजीव कुमार की मौत हो गई। सीआईएसएफ हेडक्वार्टर ने मामले की कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए हैं। 

 

पुलिस के अनुसार अंकित कुमार उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के उदिया गांव के, लक्ष्मण सिंह हिमाचल प्रदेश के सोलन व संजीव जम्मू-कश्मीर के अखनूर एवं रफीक डोडा जिले के गंदोह (भलेसा) तहसील के कंडालो गांव के रहने वाले थे।

एसएसपी कठुआ मोहिता शर्मा के अनुसार घटना में चार सीआईएसएफ कर्मियों की मौत हुई है। पुलिस ने आरोपी अवधेश सिंह को हिरासत में ले लिया है। सूत्रों के अनुसार अवधेश कुमार सिंह की पत्नी भी सीआईएसएफ में ही कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं। 

 

बताया जा रहा है कि वह बच्चे के साथ अवधेश के ड्यूटी पर रहने के दौरान क्वार्टर गार्ड आती थीं। यूनिट प्रशासन ने उन्हें बच्चे के साथ क्वार्टर गार्ड में प्रवेश करने व रहने की अनुमति नहीं दी थी।

 

इसी मामले को लेकर विवाद की शुरुआत हुई थी। इसी दौरान अवधेश कुमार सिंह मंगलवार शाम गेट के पास स्थित ऑपरेशंस सेक्शन के कार्यालय में पहुंचा। वहां कंपनी कमांडर अंकित कुमार पांडेय समेत चार कर्मी मौजूद थे। 

 
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आरोप है कि अवधेश ने सभी पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस व सीआईएसएफ की टीम घटना की असल वजह की जांच में जुटी है। मामले में किसी भी अधिकारी ने कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया है।
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