जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में बुधवार को भीषण आग लगने से लगभग दो दर्जन झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। इस हादसे में कई प्रवासी मजदूर बेघर हो गए, हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
जानकारी के अनुसार यह आग सुबह करीब 4 बजे मग्गर खड क्षेत्र के चक गोटा इलाके में एक स्क्रैपयार्ड के पास स्थित अस्थायी झोपड़ियों में लगी। झोपड़ियों में रखे ज्वलनशील सामान के कारण आग तेजी से फैल गई और कई झोपड़ियां इसकी चपेट में आ गईं।
दमकल विभाग की टीम और स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाया गया लेकिन तब तक मजदूरों का सारा सामान, कपड़े, बर्तन और तीन मोटरसाइकिलें जलकर नष्ट हो चुकी थीं। प्रभावित मजदूरों में अधिकतर बिहार के कूड़ा बीनने वाले प्रवासी शामिल हैं। पीड़ितों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है और कहा है कि उनके पास अब केवल वही कपड़े बचे हैं जो उन्होंने पहन रखे थे।
इसी बीच, राजोरी जिले में जंगल की आग के कारण नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास स्थित केरी सेक्टर में लैंडमाइन विस्फोटों की कई घटनाएं हुईं। अधिकारियों के अनुसार, सूखी वनस्पति में आग फैलने से जोरदार धमाके सुनाई दिए, हालांकि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
स्थिति पर सुरक्षा बलों और प्रशासन की कड़ी नजर बनी हुई है, जबकि दमकल टीमें आग पर काबू पाने में जुटी रहीं। पिछले 24 घंटों में राजौरी, रियासी और उधमपुर जिलों के कई इलाकों में भी जंगल की आग की घटनाएं सामने आई हैं।