क्राइम ब्रांच की चार्जशीट के अनुसार 15 जनवरी को घगवाल रेलवे स्टेशन से शाम के समय रसाना मामले में आरोपी विशाल जंगोत्रा मेरठ के लिए रवाना हुआ था। इसी दिन बच्ची के शव को नाबालिग आरोपी और विशाल द्वारा जंगल में फेेंके जाने की बात का जिक्र भी क्राइम ब्रांच की रिपोर्ट में है।
लेकिन, नेशनल मीडिया पर चली एक वीडियो फुटेज ने क्राइम ब्रांच की इस कहानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल, सोमवार की रात एक चैनल ने रसाना मामले में आरोपी बनाए गए सांझीराम के बेटे विशाल जंगोत्रा के मीरापुर एटीएम से ट्रांजैक्शन का सीसीटीवी फुटेज जारी कर दिया।
इसमें आरोपी विशाल जंगोत्रा साफ तौर पर ट्रांजैक्शन करता दिखाई दिया। इसकी तस्दीक विशाल के परिजनों ने भी की है। परिवार के सदस्यों के अनुसार विशाल अपनी बहन मोनिका जंगोत्रा के डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करता था।
अमर उजाला के पास उपलब्ध बैंक पासबुक की प्रति के अनुसार 15 जनवरी को ही खाते में दिया लाचक से तीन हजार रुपये की राशि डाली गई, जबकि इसी दिन 1000 रुपये मीरापुर के एटीएम से निकाले जाने का ब्योरा भी दर्ज है।
ऐसे में सवाल यह उठा कि यदि एटीएम कार्ड विशाल के पास था तो मीरापुर में राशि किसने निकाली थी, क्योंकि क्राइम ब्रांच की चार्जशीट के अनुसार विशाल 15 जनवरी की शाम को घगवाल रेलवे स्टेशन से मेरठ से रवाना हुआ था।
ऐसे में मीरापुर एटीएम से जारी हुई सीसीटीवी फुटेज ने मामले पर से पर्दा उठा दिया है। फुटेज में विशाल जंगोत्रा साफ तौर पर सीसीटीवी में एटीएम से 15 जनवरी को तीन बजकर छह मिनट और पचास सेकेंड पर पैसे निकालते और एक नोट साथ में खड़े युवक को देता भी दिखाई दिया है।
क्राइम ब्रांच की चार्जशीट के अनुसार 12 जनवरी की सुबह छह बजे सुबह विशाल जंगोत्रा कठुआ पहुंचा था। 13 जनवरी को बच्ची की हत्या की गई और 15 जनवरी को विशाल और नाबालिग आरोपी ने बच्ची की लाश को ठिकाने लगाया था।
विशाल की बहन मोनिका ने बताया कि विशाल के पास पैन कार्ड नहीं था। इसलिए वह डेबिट कार्ड हासिल नहीं कर पाया था। यही वजह रही कि वह बहन का डेबिट कार्ड इस्तेमाल करता था।