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कठुआ कांड की CBI जांच के लिए चौधरी लाल सिंह 20 मई को फिर करेंगे रैली, मचा बवाल

Mon, 14 May 2018 11:19 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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lal singh - फोटो : file photo
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पार्टी लाइन से हटकर रसाना कांड की जांच सीबीआई से करवाने की मुहिम छेड़े हुए भाजपा विधायक चौधरी लाल सिंह 20 मई को हीरानगर में रैली निकालेंगे। डोगरा स्वाभिमान के नाम से होने वाली इस रैली में हिस्सा लेने के लिए लाल सिंह ने संभाग भर के लोगों से आह्वान किया है। गौरतलब है कि पिछली बार हिंदू एकता मंच की रैली में शामिल होने के कारण ही उन्होंने मंत्री पद को कुर्सी को खो दिया था। 

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अपने सरकारी आवास पर चौधरी लाल सिंह ने पत्रकार वार्ता में कहा कि रसाना कांड में पीड़ित बच्ची जम्मू की बेटी थी। ऐसे में उसे न्याय मिलने तक वह चुप नहीं बैठेंगे। साजिश के तहत ऐसा माहौल बनाया गया जिसमें डोगरा लोगों को बलात्कार का समर्थक बताया गया है।

जैसे जैसे मामले की परतें खुलती जा रही हैं वह लोग जो डोगरा लोगों पर कीचड़ उछाल रहे थे उन्हें अब मुंह छिपाते नहीं बन पड़ रहा।  सिंह ने कहा कि 2009 में कश्मीर में बच्चियों से बलात्कार और हत्या की घटनाएं सामने आईं।
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कश्मीर की पार्टियों में नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी जिसे उन्हें ए और बी पार्टी कहा गया, ने तब चिल्ला चिल्लाकर सीबीआई जांच की मांग की। सीबीआई जांच हुई और सच्चाई सामने आई। जिन लोगों को पकड़ा गया था वह बरी हुए। उन्होंने कहा कि रसाना कांड की जांच कभी पुलिस तो कभी क्राइम ब्रांच ने की।

लोगों को इस जांच पर भरोसा नहीं है। ऐसे में सीबीआई जांच की मांग की जा रही है। सीबीआई भारतीय एजेंसी हैं न कि पाकिस्तान की। ऐसे में सीबीआई से जांच की मांग करना क्या गुनाह है। उन्होंने कहा कि सोची समझी साजिश के तहत जम्मू को कमजोर करने की कोशिश की गई है।

जम्मू को कमजोर करने का मतलब रियासत में देश को कमजोर करने से है। जम्मू में हर किसी ने बच्ची के साथ हुए हादसे की कड़ी निंदा की हैं और उसे न्याय दिलवाना चाहता है। इस मामले में संयुक्त राष्ट्र के महासचिव तक अपनी भावनाएं प्रकट कर चुके हैं।

ऐसे में जम्मू के सभी डोगरा लोगों को अब एकजुट हो जाना चाहिए और सीबीआई जांच की मांग एक साथ उठानी होगी। हालांकि, उन्होंने कहा कि रैली वह नहीं, बल्कि कोआर्डिनेशन कमेटी के झंडे तले आयोजित हो रही है, जिसमें उन्हें भी बुलाया गया है। शांतिपूर्ण तरीके से रैली निकाली जाएगी और लोकतांत्रिक तरीके से रसाना कांड की सीबीआई से जांच की मांग की जाएगी। 

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