जम्मू। आध्यात्मिक मार्ग श्रेष्ठ है, लेकिन उस पर चलना आसान नहीं है। संगत हो प्रभु की प्राप्ति के लिए इसी मार्ग पर चलना चाहिए। यह आह्वान स्वामी हरि दासानंद ने दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से त्रिकुटा नगर की प्रवीण कॉलोनी में आयोजित हरि कीर्तन में संगत से किया।
उन्होंने कहा कि जैसे सेना में भर्ती होने के बाद युवा कई माह की सख्त ट्रेनिंग के बाद एक कुशल सैनिक बनता है उसी तरह एक साधक को भी योद्धा बनना होगा। उसको भी निरंतर संघर्षरत रहना है। उसका युद्धक्षेत्र मन है, जहां विचारों और विकारों के विरुद्ध मोर्चा संभालना है। इसलिए उसका सशक्त होना बहुत जरूरी है। जीवन की प्रतिकूल परिस्थितियां, बाधाएं, विषमताएं उसे दृढ़ता प्रदान करती हैं। कार्यक्रम में महात्मा रमण और स्वामी सुकर्मानंद ने भजनों से संगत को निहाल कर दिया। इसमें बताया गया कि दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की जम्मू शाखा की ओर से पांच दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन 16 नवंबर से शीला रिसोर्ट तालाब तिल्लो में होगा। आशुतोष महाराज के मार्गदर्शन आयोजित होने वाले कार्यक्रम में साध्वी शची भारती मौजूद रहेंगी।