कश्मीर में हिंसा को लेकर सोशल मीडिया के उपयोग के बावजूद कई ऐसे युवा हैं जो नौकरी पाने के लिए सोशल मीडिया की सुविधा का उपयोग कर रहे हैं। वे रोजगार के लिए इसका सहारा लिए हुए हैं और आनलाइन व्यापार चल रहे हैं।
कश्मीर में सोशल मीडिया का उपयोग पत्थरबाजी या आतंकी गतिविधियों के लिए ही उपयोग किए जाने के लिए बदनाम है। जबकि वाट्सएप, इंस्ताग्राम, इंटरनेट का उपयोग करके कई युवा अपनी रोजी रोटी भी कमा रहे हैं।
कश्मीर के सैयदा उमर ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया का उपयोग आनलाइन फैशन डिजाइन के लिए किया है। आनलाइन पर फैशन स्टोर की जानकारी दी है। उनके 21.2 हजार फालोअर हैं। इंस्ताग्राम को खोला जाए तो उनके द्वारा तैयार किए गए कई कपड़ों की जानकारी मिल सकती है।
उमैरा क्यूम और बीनिश बशीर ने अपनी सफलता को सोशल मीडिया बताया। उनके अनुसार दोनों ने एक कालेज में पढ़ते हुए क्राफ्ट वर्ल्ड कश्मीर नाम से साइट तैयार की। उनके भी हजारों फालोअर हैं। हाथ से तैयार की गई वस्तुओं को प्रदर्शित किया गया है।
हरीस रहमान ने बताया कि रसोईघर के लिए क्राकरी व अन्य चीजों की जानकारी भी सोशल मीडिया के जरिए दी जा रही है। इसके अलावा कई ऐसे युवा भी हैं, जिनको घर बैठे ही नौकरियां मिल रही हैं। नौकरियों का पता चल रहा है। विद्यार्थियों को भी आनलाइन पर शिक्षा संबंधी कई जानकारियां मिल रही हैं।
इंटरनेट बंद होने पर युवाओं की उम्मीदों पर भी पानी फिर जाता है। प्रतिस्पर्धा के आधुनिक दौर में इंटरनेट बंद किए जाने से युवाओं को नुकसान हो रहा है। इंटरनेट खोलने से देश विदेश में जानकारियां भी मिलती हैं।