2016 में बुरहान वानी की मौत के बाद अनंतनाग से हालात खराब हुए थे, मंगलवार को उसी अनंतनाग का केंद्रीय वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा ने दौरा किया। इस दौरान शर्मा के साथ 22 प्रतिनिधिमंडलों ने मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत करवाया।
वार्ताकार से मिले स्कूल और कालेज के विद्यार्थियों ने घाटी में आए दिन होने वाली पत्थरबाजी और हड़तालों से उनकी पढ़ाई को हो रहे नुकसान से अवगत करवाया। छात्राओें ने कहा कि घाटी में ऐसा माहौल बनाएं कि बंदूक की संस्कृति खत्म हो जाए।
नेशनल कांफ्रेंस को छोड़कर पीडीपी, भाजपा, कांग्रेस और विस्थापित और गैर विस्थापित कश्मीरी पंडितों के प्रतिनिधिमंडलों ने भी वार्ताकार से मुलाकात की।स्कूल और कालेज के छात्र-छात्राओें ने बताया कि उन्होंने वार्ताकार को कश्मीर की समस्या से अवगत करवाया और कहा कि आए दिन कश्मीर में होने वाली पत्थरबाजी और हड़तालों के चलते उनकी शिक्षा बाधित होती है।
इसकी वजह से उनको अपना भविष्य संवारने में दिक्कतें पेश आतीं हैं। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों पर पत्थरबाजी के आरोप हैं, उन पर दर्ज केस वापस लेकर उन्हें भविष्य बनाने का एक मौका दिया जाए। वार्ताकार ने युवाओं से अपील की कि पत्थरबाजी छोड़ें और घाटी में शांति स्थापित करने में अपना योगदान दें।