वहीं टीम रेड भी कम्बल, कपड़े, पीने का पानी, आदि जैसी सामग्री भेज चुकी है और आगे के लिए भी इक्कठा कर रही है। टीम रेड के चैर्मान सादत सोगामी ने बताया कि हम खुद 2014 में इस बाढ़ की पीड़ा को झेल चुके हैं और हम इस समय केरल के पीड़ितों का दर्द महसूस कर सकते हैं। इसलिए हमने एक जुट होकर चीजें इक्कठा कर उनकी मदद के लिए सामने आये हैं और इस सबके लिए हुम्वाहन के स्थानीय एनजीओ के संपर्क में है जो हमारी मदद कर रही है।
गौरतलब है कि इस बीच जम्मू कश्मीर बैंक के कर्मचारियों ने भी अपने वेतन दान करने का फैसला लिया है। बैंक के प्रवक्ता सजाद बजा ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों को 11 करोड़ रुपए देने का फैसला लिया गया है। बैंक के चेयरमैन ने दो महीनों का जबकि बाकी कर्मचारियों ने अपने 6 दिन का वेतन देने का फैसला किया है।
बता दें कि इसे पहले राज्यपाल ने राज्य की तरफ से 2 करोड़ देने की घोषणा की थी और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपनी एक माह का वेतन दान किया है। इनके अलावा भी कश्मीर में कई जगहों से केरल बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आवाजे उठती दिख रही हैं। सोशल मीडिया पर भी लगतार लोगों से धान करने की अपील हो रही है क्योंकि शायद बाढ़ की पीड़ा को कश्मीर से बेहतर कोई नहीं समझ पायेगा।