श्रीनगर। प्राचीन काल से कश्मीरी पंडित समुदाय की कुलदेवी मानी जाने वाली श्री ज्वाला माता जी के जन्मोत्सव ‘हार ए चौदह’ के शुभ अवसर पर बुधवार को पुलवामा जिले के ख्रीव स्थित पवित्र शक्तिपीठ में भव्य धार्मिक समारोह का आयोजन किया गया। माता ज्वाला जी के इस वार्षिकोत्सव को हार त्सोदा के नाम से भी जाना जाता है। इस पावन अवसर पर दिल्ली, मुंबई, पुणे, जम्मू और देश के अन्य भागों से सैकड़ों की संख्या में कश्मीरी पंडित श्रद्धालु माता के दर्शन करने के लिए पवित्र धाम पहुंचे। यह आयोजन श्री ज्वाला जी समिति ख्रीव द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें माता की पूजा-अर्चना, महायज्ञ, भंडारा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।ख्रीव स्थित श्री ज्वाला माता मंदिर ‘वास्तुर्वन’ पर्वत की पश्चिमी ढलान पर स्थित है और इसे ज्वाला मुखी शक्ति पीठ के रूप में जाना जाता है। यहां देवी साक्षात अग्निरूप में प्रकट होती हैं। गर्भगृह में सदियों से अखंड ज्वाला स्वतः प्रज्वलित रहती है, जो इस स्थान की दिव्यता और चमत्कारिकता का प्रतीक है।मंदिर को कश्मीरी पंडितों की कुलदेवी का आध्यात्मिक केंद्र माना जाता है। हर वर्ष ‘हार ए चौदह’ के दिन यहां विशेष आयोजन होता है। इस वर्ष भी माता के जयकारों से ख्रीव का वातावरण भक्तिमय रहा। इस दौरान श्री ज्वाला जी समिति ने सभी श्रद्धालुओं का स्वागत किया और कुशलतापूर्वक आयोजन की व्यवस्था सुनिश्चित की। प्रसाद वितरण, चिकित्सा सुविधा, आवास और सुरक्षा की विस्तृत व्यवस्था की गई थी। समिति ने बताया कि वे इस आयोजन को आने वाले वर्षों में और भव्यता के साथ जारी रखेंगे ताकि बिखरे हुए कश्मीरी पंडित समुदाय को उनकी आध्यात्मिक जड़ों से जोड़ा जा सके।- अधिकारियों ने मंदिर पर पहुंचकर दी बधाईइस दौरान अतिरिक्त उपायुक्त अवंतीपोरा मुश्ताक अहमद लोन और तहसीलदार पंपोर मलिक आसिफ अहमद ने ख्रीव स्थित ज्वाला जी मंदिर का दौरा कर पंडित समुदाय को इस अवसर पर शुभकामनाएं दीं। ख्रीव और आसपास के इलाकों के स्थानीय मुस्लिम समुदाय ने भी इसमें भाग लिया और सर्वधर्म सद्भाव और आपसी सम्मान की साल पेश करते हुए पंडितों को बधाई दी।