जम्मू। घाटी में कश्मीरी पंडित सरपंच अजय पंडिता की हत्या के बाद जम्मू के सबसे बड़े विस्थापित कालोनी जगती में यों तो सन्नाटा पसरा है, लेकिन यहां के बाशिंदों में जबर्दस्त आक्रोश है। इनका कहना है कि कश्मीर ही नहीं बल्कि जम्मू में भी सुरक्षा के कोई खास इंतजाम नहीं है। कालोनी में आने जाने वालों का कोई रिकॉर्ड नहीं रखा जाता है।
कालोनी के बाशिंदों का कहना है कि सुरक्षा ही नहीं बल्कि कई समस्याएं हैं जिनके बारे में न तो शासन और न ही प्रशासन ध्यान देता है। कालोनी निवासी बिट्टू जी भट का कहना है कि यहां प्रवेश और निकास द्वार पर कालोनी में कौन आया कौन गया इसकी जानकारी नहीं रखी जाती है। कोई भी कालोनी में धड़ल्ले से आता है और जाता है। चेकिंग प्वाइंट बनने चाहिए। घाटी में एक बार फिर नब्बे के दशक का खौफ पैदा करने की कोशिश की जा रही है। पंडितों को कश्मीर में तो सुरक्षा मुहैया कराया जाना चाहिए, लेकिन जम्मू में भी इसके प्रबंध होने चाहिए। इस बाबत एसएसपी तथा रिलीफ कमिश्नर से भी बात की गई है।
परीलाल थूसू कहते हैं कि कश्मीर में आज किसी को रास्ते से हटाना बड़ा आसान काम हो गया है। यह पांच से 10 हजार रुपये में हो सकता है। मौजूदा समय में भाजपा ने अपने राजनीतिक फायदे के लिए कश्मीरी पंडितों को निर्विरोध पंच तथा सरपंच बनवा दिया। अब वहां के स्थानीय लोगों में खतरा महसूस होने लगा कि बाहर से आकर लोग हुकूमत करने लगे। समस्या का हल सुरक्षा प्रबंध करना भी नहीं है। बल्कि मुस्लिमों की काउंसिलिंग कर उनमें ऐसी भावना पैदा की जाए कि वह नफरत नहीं करें। केंद्र को जमीनी हकीकत समझनी होगी। काउंसिलिंग के लिए प्रत्येक जिले में टीम का गठन किया जाना चाहिए।
सुनील पंडिता के अनुसार कश्मीरी पंडितों को केवल सरकारों ने इस्तेमाल किया। घर-बार त्याग कर जिसने कश्मीर में लोकतंत्र को मजबूत करने का बीड़ा उठाया उसे कम से कम एक पीएसओ की सुरक्षा तो दी ही जानी चाहिए। ऐसे भी कई पूर्व राजनेता हैं जिन्हें तीन से चार पीएसओ मिले हुए हैं। लेकिन जमीन पर रहकर लोकतंत्र को मजबूत करने वाले को सुरक्षा नहीं मिली। इसके साथ ही हिंदू-मुस्लिम के बीच दूरियां भी कम होनी चाहिए तभी जाकर यह सिलसिला रूकेगा।
अजय पंडिता के परिवार को 20 लाख की सहायता
जम्मू। आतंकियों की गोलियों का शिकार बने सरपंच अजय पंडिता को सरकार की ओर से 20 लाख रुपये की सहायता दी गई। इसमें पांच लाख एसआरई, एक लाख सरकार की ओर से अनुग्रह राशि, चार लाख उप राज्यपाल राहत कोष तथा 10 लाख रुपये पंचायत कल्याण कोष से है। राजभवन में उप राज्यपाल जीसी मुर्मू ने परिवार के सदस्यों को राहत राशि प्रदान की। उप राज्यपाल ने कहा कि केंद्र शासित सरकार परिवार को हर सहायता के लिए प्रतिबद्ध है। कहा कि अजय पंडिता के बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा। इस प्रकार की बर्बरतापूर्ण कार्रवाई करने वालों के खिलाफ जल्द ही कठोर कार्रवाई होगी।