जम्मू। प्रति वर्ष ज्येष्ठ अष्टमी के अवसर पर होने वाले कश्मीरी पंडितों के क्षीर भवानी मेले का आज आयोजन होना था। इस मेले से कश्मीरी पंडितों की कई यादें जुड़ी हैं, जिसके चलते कश्मीरी पंडितों को इसका बेसब्री से इंतजार रहता है। कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण इस वर्ष प्रसिद्ध मां क्षीर भवानी के मेले का आयोजन नहीं हो सकेगा। ऐसे में कश्मीरी पंडितों में मायूसी भी है, लेकिन उनका कहना है कि इस बार घर में ही मां भवानी की आराधना करेंगे और दुनिया को कोरोना महामारी से बचाने की कामना करेंगे।
श्रीनगर से पूरब दिशा में 14 किलोमीटर दूर गांदरबल जिले के तुलमुला में मां क्षीर भवानी का मंदिर है, जहां हर साल ज्येष्ठ अष्टमी पर विशाल मेले का आयोजन होता है। इसमें कश्मीरी पंडित मां क्षीर भवानी जिन्हें मां राघेन्या भी कहा जाता है, उनकी पूजन-अर्चना करते हैं। इस साल भी 30 मई को ज्येष्ठ अष्टमी के पावन अवसर पर मेले का आयोजन होना था, लेकिन कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण ऐसा संभव नही हो पाया। हर साल मेले में पहुंचने वाले हजारों कश्मीरी पंडित इस मेले के स्थगित होने से निराश हैं। हालांकि माता क्षीर वेलफेयर सोसाइटी ने कहा है कि इस बार मेले के दौरान होने वाला पूजा-पाठ होगा, लेकिन उसमें आम लोग शामिल नहीं होंगे। सिर्फ मंदिर में मौजूद पुजारी ही पूजा-पाठ करेंगे। इसके साथ ही ग्लोबल सोलेस एनजीओ के पींटू ने बताया कि माता की पूजा के लिए जरूरी सामान जम्मू से श्रीनगर पहुंचाया जा चुका है, जिसमें मां भवानी के वस्त्र भी शामिल हैं। वहीं, सोसाइटी की तरफ से वोमेध फेसबुक पेज पर 30 मई को सुबह 11 बजे पूजा का सीधा प्रसारण किया जाएगा।