जनपद के चक्कां दा बाग के रास्ते पाक सेना ने भारतीय महिला को करीब सवा चार वर्षों के बाद सेना को सौंपा। सैन्य अधिकारियों ने पूछताछ के बाद उसे स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया। उसके ऊपर वर्ष 2013 में अवैध रूप से नियंत्रण रेखा के पार चले जाने के मामले में केस दर्ज किया गया था।
पाक से लौटी महिला की पहचान अजमत जान 35 पत्नी शकील अहमद निवासी दिगवार के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि वह 25 जुलाई 2013 को पारिवारिक झगड़े के चलते नियंत्रण रेखा के पार भाग गई थी। इसके बाद उसी दिन उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
इसी के आधार पर उसके इस पार लौट आने पर उसे हिरासत में लिया गया है।अजमत अपने पीछे तीन बेटों को छोड़ कर पाक चली गई थी। उसका आरोप था कि ससुर और देवर उसके साथ मारपीट करते थे मगर उसका पति मूकदर्शक बना रहता था।
इससे तंग आकर वह नूरकोट गांव के रास्ते पीओजेके चली गई थी। जहां पाक सेना ने उसे पकड़कर पूछताछ के बाद बाग मुहाजिर कैंप में भेज दिया था। वहां सात सप्ताह रहने के बाद वह पाक अधिकृत क्षेत्र चिड़ीकोट में रहने वाले अपने मामा ससुर असलम जाफर के घर चली गई और उसके बाद वही रही।
वतन लौटने के बारे के उसने पुलिस को बताया कि उसे बेटों की याद आ रही थी। इस दौरान उसकी मुलाकात एक व्यक्ति से हुई। उसने उसे परिजनों से मिलाने की बात कही। इसके बाद उसने मुहाजिर कैंप से कागज बनवाकर वतन लौटी।