कश्मीर की हिंसा से रियासत का पर्यटन उद्योग तबाह हो गया है। 50 हजार से अधिक पर्यटक लौट गए हैं। श्रीनगर में 3000 से अधिक छोटे-बड़े होटल लगभग खाली हैं। डल झील सूनी पड़ी है। हाउस बोट तथा शिकारे पर्यटकों की राह देख रहे हैं। श्रीनगर के होटलों की आनलाइन बुकिंग रद करा दी गई है।
जुलाई और मध्य अगस्त तक के बुकिंग कैंसिल कराए गए हैं। घरेलू पर्यटकों की तादाद रोजाना 10 हजार से घटकर एक हजार पर पहुंच गई है। एक अनुमान के मुताबिक 450 करोड़ का नुकसान हुआ है। पर्यटन राज्य मंत्री प्रिया सेठी कहती हैं कि हिंसा से केवल कश्मीर के ही पर्यटन को नुकसान नहीं पहुंचा है, बल्कि जम्मू का पर्यटन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। 90 फीसदी पर्यटन उद्योग प्रभावित हुआ है।
पर्यटन राज्य मंत्री का कहना है कि कश्मीर हिंसा की वजह से पर्यटकों ने श्रीनगर का रुख करना बंद कर दिया है। पहले रोजाना 10 हजार घरेलू और 100 विदेशी पर्यटक आते थे, लेकिन यह संख्या अचानक हिंसा की खबरें फैलने के बाद घट गईं।
अब बमुश्किल एक हजार घरेलू पर्यटक पहुंच रहे हैं। वह भी घाटी के हालात को देखने के बाद फौरन लौट जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हिंसा से पर्यटन ढांचे को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचा है, लेकिन होटलों की बुकिंग रद हो गई है। सूत्रों ने बताया कि