भारत में रेल और रेल परियोजना का लेट होना नई बात नहीं है। लेकिन ऊधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल परियोजना ने देरी का रिकॉर्ड बना दिया है। यह प्रोजेक्ट अपने निर्धारित समय से 16 साल की देरी से पूरा होगा।
इस देरी के कारण परियोजना की लागत में 17,065 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च होंगे। संसद में बुधवार को यह जानकारी दी गई है। अब इस परियोजना के दिसंबर 2018 में पूरा होने की उम्मीद है जबकि पूरी रेल लाइन के लिए शुरुआती लक्ष्य नवंबर 2002 निर्धारित था।
सांख्यिकी मंत्री वीके सिंह ने लोकसभा में बताया कि 1995 में मंजूरी के समय इस परियोजना की अनुमानित लागत 2,500 करोड़ रुपये बताई गई थी। दिसंबर 2018 में पूरी होने तक इस परियोजना का अनुमानित खर्च बढ़कर 19,565 करोड़ रुपये पहुंच जाएगा।