राष्ट्रीय महत्व की महत्वपूर्ण योजनाओं में शुमार कश्मीर तक रेल संपर्क अभी तक अधूरा ही है। इसके लिए बनी उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक ( यूएसबीआरएल) परियोजना की लागत 1500 करोड़ रुपये से बढ़ कर 20 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।
आजादी के बाद रेलवे की सबसे चुनौतीपूर्ण योजना में शुमार यूएसबीआरएल प्रोजेक्ट अब तक लटका हुआ है। इसके तहत कटड़ा-काजीगुंड खंड को अभी पूरा किया जाना है। इस सेक्शन में काजीगुंड से बनिहाल तक तो प्रोजेक्ट पूरा कर लिया गया है, लेकिन, कटड़ा-बनिहाल तक 110 किलोमीटर की पट्टी अभी तक अधूरी है।
इसे 2007 में ही पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। संशोधित तिथि दिसंबर 2017 रखी गई थी जो अब बढ़कर 2020 हो गई है। इस पूरे प्रोजेक्ट को लेकर संसदीय लोक लेखा समिति ने कड़ी आपत्ति भी दर्ज की है।
यूएसबीआरएल योजना अब 2020 तक पूरी होगी
रेलवे
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समिति का कहना है कि रेल मंत्रालय का तर्क है कि सुरंगों के गिरने, पुलों के डिजाइनों में परिवर्तन से लेकर पानी का रिसाव होने की वजह से परियोजना में देरी हुई। रेलवे ने प्रोजेक्ट की सुस्त रफ्तार के लिए समिति को कई तर्क दिए हैं। इनमें प्रतिकूल मौसम, असाधारण बारिश, हिमपात, बाढ़, निर्माण सामग्री के परिवहन में बार-बार अवरोध आदि शामिल हैं।
समिति ने कहा है कि यह मंत्रालय की कमी को दर्शाता है। रेलवे को प्रतिष्ठित परामर्श दाता कंपनियों की सेवा पहले ही ले लेनी चाहिए थी। लोक लेखा समिति ने इस पूरे प्रोजेक्ट में यह भी नोट किया है कि उधमपुर-कटड़ा जिसे मार्च 2003 में पूरा होना था वह 4 जुलाई 2014 में पूरा हुआ।
लोकलेखा समिति ने रेलवे से कहा है कि आगे से निर्माण कार्य आरंभ होने से काफी पहले अध्ययन किया जाए। विस्तृत भूवैज्ञानिक और भू-तकनीकी अध्ययन पर जोर दिया जाए। डीपीआर चरण में ही अनुभवी परामर्शदाताओं, विदेशी परामर्शदाताओं व संस्थानों की सहायता सुनिश्चित कर ली जाए।