जम्मू-कश्मीर में लगभग तीन दशक पहले घाटी से विस्थापित कश्मीरी पंडितों की घर वापसी के तहत घाटी में दो सेटेलाइट टाउनशिप के विकास को लेकर सरकार गंभीर है। प्रधानमंत्री विकास पैकेज (पीएमडीपी) के तहत विकसित होने वाले इस टाउनशिप में 6000 ट्रांजिट आवास होंगे। इसके लिए पैकेज के तहत 920 करोड़ रुपये मिले हैं। राज्यपाल प्रशासन ने सेटेलाइट टाउनशिप पर रिपोर्ट तलब की है।
पिछले दिनों हुई नीति आयोग की बैठक में भी राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सेटेलाइट टाउनशिप के विकास के प्रति प्रतिबद्धता जताई थी। प्रधानमंत्री पैकेज के तहत कश्मीरी पंडितों के लिए सेटेलाइट टाउनशिप के साथ ही उनके लिए 6000 नियुक्तियों की भी घोषणा की गई थी। मकसद था कि जो कश्मीरी पंडित आतंकवाद के दौर में घाटी छोड़कर बाहर चले आए हैं, उन्हें फिर से कश्मीर में आबाद किया जाए। इसके लिए उन्हें रहने और नौकरी का प्रबंध किया जाए ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें। पीएम पैकेज के तहत घोषित सेटेलाइट टाउनशिप के लिए जमीन चिह्नित कर अधिग्रहण की कार्यवाही की जा रही है।
राज्य प्रशासन से जुड़े सूत्रों ने बताया कि एक बार अधिग्रहण की कार्यवाही पूरी हो जाने के बाद निर्माण कार्य भी युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया जाएगा। पीएम पैकेज के तहत कश्मीरी पंडितों के लिए टाउनशिप की घोषणा होने के बाद घाटी में इस मसले को लेकर खूब हो हंगामा हुआ था। लोगों का कहना था कि इनके लिए अलग टाउनशिप नहीं होनी चाहिए। पंडित यहां आकर हम सब लोगों के साथ ही रहें। अलग से टाउनशिप होने से कश्मीरी पंडितों में विश्वास की भावना विकसित नहीं हो पाएगी। बाद में गृह मंत्रालय और तत्कालीन मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया था कि ट्रांजिट आवास का निर्माण किया जाएगा। इसमें सभी लोग रहेंगे। यह केवल कश्मीरी पंडितों के लिए कालोनी नहीं होगी।