नेशनल कांफ्रेंस के नेता तथा जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने इस मत को खारिज कर दिया कि परमाणु युद्ध की धमकी से कश्मीर का मसला सुलझ जाएगा।
उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर कभी भी पाकिस्तान का हिस्सा नहीं रहा है और विवाद के निपटारे के लिए बातचीत ही सबसे बेहतर तरीका है।
उन्होंने स्वीकार किया कि जहां तक भारत और पाकिस्तान की बात है तो कश्मीर एक प्रमुख एजेंडा है लेकिन इसके लिए कुछ बिंदुओं पर आपसी सहमति के लिए दोनों देशों के बातचीत होना महत्वपूर्ण है।
अब्दुल्ला ने कहा कि युद्ध या परमाणु बम की धमकी और यह कहना कि हमारे पास परमाणु बम है, इस समस्या का समाधान नहीं कर सकता।