कश्मीर घाटी के बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचाने में विफल रहने पर पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राज्य सरकार के साथ ही केंद्र सरकार के प्रति भी नाराजगी जाहिर की है। उमर ने सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि सत्ता में आने से पहले उनकी ओर से बड़े बड़े दावे किए गए थे।
एक साल बीत जाने के बाद भी पीड़ितों को राहत पहुंचाने के मामले में जमीनी हकीकत कुछ और ही है। पीड़ितों को आज भी अच्छे दिन आने का इंतजार है। दावे खोखले साबित होते दिख रहे हैं। कहा कि ऐसा लग रहा जैसे केंद्र सरकार सौतेला व्यवहार कर रहा हो।
उमर ने कहा कि सरकार ने जो वादे किए थे, उन्हें निभाने में असफल रही। जिनका लाखों में नुकसान हुआ, उन्हें कुछ हजार की मदद दी गई। उन्होंने पीडीपी पर रिलीफ पैकेज के नाम पर लोगों को धोखे में रखने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि इन स्थितियों से लोग पीडीपी के खिलाफ होंगें।
उमर ने ट्विटर के जरिये मुफ्ती मोहम्मद सईद की जमकर खिंचाई की। लिखा कि जिस तरह से रात भर रेड डाली गई, वह सही रवैया नहीं है। लोग सरकार के प्रति असंतुष्टि व्यक्त करना चाहते थे।
उन्होंने रिवाइवल डे पर भी निशाना साधा। ट्वीट किया कि अगर मुफ्ती साहब को यकीन होता कि लोग जश्न मनाएंगे, जैसा उन्होंने प्लान किया था, तो वह अरेस्ट के आर्डर नहीं देते। गौरतलब है कि विपक्षी दल नेशनल कांफ्रेंस ने एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया, जिसमें उमर ने रक्तदान कर उसका उद्घाटन किया।