आईसीडीएस के उप निदेशक(स्कीम्स) केएएस अफसर सुशील अत्री की मौत में कई रहस्य छुपे हुए हैं। ऐसे कई सवाल हैं, जिनके जवाब फिलहाल पहेली बने हुए हैं। सुशील के परिवार को मालूम नहीं था कि उनके पास कोई फ्लैट भी था। अंसल ग्रेस कालोनी के जिस फ्लैट में सुशील की लाश मिली, उसको सुशील ने रेंट पर लिया हुआ था। पुलिस की मानें तो परिजनों को पुलिस ने मौत की जानकारी दी।
बकौल पुलिस सुशील के परिजनों को ये नहीं पता था कि ये फ्लैट सुशील ने किराये पर लिया हुआ है। यह भी एक बड़ा सवाल है कि सुशील ने फ्लैट के बारे किसी को जानकारी क्यों नहीं दी थी। वहीं सुशील की मौत किसी को पच नहीं पा रही। इस सूचना के बाद उनके फेसबुक वाल पर कई लोगों ने लिखा कि उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा कि ऐसा कुछ हो गया है।
सुशील अत्री का शव मिलने की सूचना के बाद सुशील का भाई और पिता भी मौके पर पहुंचे। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सुशील की पत्नी, बच्चे, भाई और अन्य परिवार गंग्याल में रहते हैं। लेकिन सुशील अंसल ग्रेस कालोनी के फ्लैट में अकेले ही आते जाते थे।
सुशील के फ्लैट का नंबर 303 है। इसी नंबर से आनलाइन आर्डर बुक करने वाली एक कंपनी के माध्यम से मंगलवार सुबह चने पूरी की एक प्लेट का आर्डर दिया गया। रेस्तरां से सुबह सवा सात बजे आर्डर भेजा गया। सर्विस ब्वाय काफी देर तक फ्लैट का गेट खटखटाता रहा, लेकिन जब दरवाजा नहीं खुला तो सर्विस ब्वॉय लौट गया। इसके बाद दोपहर 3.30 बजे एक पार्सल वाला भी सुशील के फ्लैट में आया, गेट नहीं खुलने पर सिर्फ 2 मिनट में ही वापस चला गया। इन दोनों की एंट्री सिक्यिरिटी गार्ड के पास भी है।
खुले फ्लैट का क्या है राज
सुबह सर्विस ब्वाय फ्लैट का दरवाजा खटखटाकर चला गया। इसके बाद पार्सल वाला भी आया। लेकिन दोनों को दरवाजा बंद मिलता है। मौत की सूचना के बाद में जब पुलिस पहुंचती है, तो फलैट का दरवाजा खुला हुआ मिलता है और अंदर सुशील फंदे से पर लटका था। दोपहर में 3:30 बजे पार्सल वाला आया तब तक गेट बंद था और एक घंटे के अंदर ही मौत की सूचना फैल गई। इसका मतलब है कि इस एक घंटे में कोई और भी आया और उसी ने आकर फ्लैट को खोला। इसी ने सुशील के फंदे पर लटके होने की जानकारी भी दी। क्या किसी और के पास भी इस फ्लैट की चाबी रहती थी, अगर हां तो वह कौन है। उसकी सिक्योरिटी रजिस्टर में एंट्री क्यों नहीं है। अगर ऐसा कोई नहीं है तो गेट अपने आप कैसे खुल गया। सबसे बड़ा सवाल ये है कि पुलिस को सूचना किसने दी। पुलिस के पास भी पुख्ता जानकारी नहीं है कि उसे किससे सूचना मिली।
जिम के थे शौकीन
सुशील अत्री जिम के भी काफी शौकीन थे। एक दिन पहले ही सुशील ने इंस्टाग्राम पर जिम में कसरत करते हुए वीडियो पोस्ट किया। इसके अलावा भी कई वीडियो हैं, जो जिम करते हुए इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए हैं। सोमवार शाम करीब 6.30 बजे सुशील ने अपनी एक फोटो फेसबुक पर पोस्ट करते हुए लिखा कि ए रैंडम क्लिक। सुशील कुंजवानी स्थित जिम में जाते थे।
फ्लैट की किचन में नीचे पड़ा एक पालिथिन भी मिला है। जिसमें कुछ खाली बोतल भी मिली हैं। बेड के पास एक टेबल पर सुशील का पर्स पड़ा हुआ था। दो चाबियां पड़ी हुई थी। इनमें एक सुशील की कार और दूसरी किसी और की थी। कमरे में मोबाइल फोन भी मिला है। यह सभी सामान पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।
फोरेंसिक टीम लेट पहुंची
करीब तीन घंटे के बाद घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम पहुंची। इसकी वजह से शव को जीएमसी में शिफ्ट करने में वक्त लगा। हालांकि इससे पहले पुलिस के जांच सेल ने अंदर की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कर ली थी। रात करीब 11 बजे शव को जीएमसी में शिफ्ट किया गया।
मोबाइल फोन से खुलेगा मौत का राज
सुशील की मौत हत्या है या आत्महत्या, पुलिस इसे साफ नहीं कर रही है। इसके लिए जांच की बात की जा रही है। परिजनों के अनुसार आत्महत्या की कोई वजह नहीं थी। फिर भी पुलिस हर एंगल पर जांच कर रही है। फोन से मौत के रहस्य से पर्दा उठने की उम्मीद है। मोबाइल की सीडीआर निकाली जाएगी। कब और किससे बात हुई। आखरी बार किससे बात हुई थी।