लद्दाख के बजट में छह गुणा वृद्धि
लद्दाख के लोगों के लिए सुविधाएं बढ़ें। इज ऑफ लिविंग बढ़े इसके लिए सरकार प्रयास कर रही है। लद्दाख के बजट को छह हजार करोड़ दिया गया है। करीब छह गुणा बजट में बढ़ोतरी की गई है। लद्दाख में बिजली, पानी और सड़क की सुविधायों को विकसित किया जा रहा है। जल जीवन मिशन की वजह से अब लद्दाख में 90 प्रतिशत घरों में पाइप से पीने का पानी पहुंच रहा है। शिक्षा के लिए सिंधु केंद्रीय विश्वविद्यालय का निर्माण हो रहा है।13 किमी लंबी जोजिला टनल का काम भी जारी है। BRO ने ऐसे लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अभूतपूर्व गति से काम किया है। 330 से ज्यादा प्रोजेक्ट BRO ने पूरे किए हैं। इनमें सेला टनल भी शामिल है।
आज की परिस्थिति अलग है। आज हमारी सेना को हथियारों के साथ ही कार्यशैली में बदलाव करने की जरुरत है। हमारी सेना को हथियारों को उपकरणों के साथ व्यवस्थाओं में भी आधुनिक होना चाहिए। सेना में रिफॉर्म्स को पहले प्राथमिकता बनाया। सेनाएं ज्यादा आत्मनिर्भर हो रही हैं। बीते दस वर्षों में हमने रक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं। रक्षा क्षेत्र में अनुसंधान और विकास के लिए 25 प्रतिशत प्राइवेट क्षेत्र के लिए रखा गया है। कभी भारत की पहचान हथियार मंगाने के तौर पर थी लेकिन अब एक्सपोर्टर के तौर पर अपनी नई पहचान बना रहा है।
'हमारी सेना ने बीते वर्षों में कई साहसिक फैसले लिए'
सेना ने तय किया है कि पांच हजार चीजें बाहर से नहीं मंगाई जाएंगी। हमारी सेना ने बीते वर्षों में कई साहसिक निर्णय लिए हैं। इसका एक उदाहरण अग्निपथ योजना भी है। अग्निपथ का लक्ष्य सेना को युवा बनाना, निरंतर योग्य बनाना है। सेना को लोगों में राजनीति का अखाड़ा बनाया। सेनाओं को घोटालों से कमजोर किया। अग्निपथ से देश की ताक़त बढ़ेगी। प्राइवेट और पैरा फोर्सेज में अग्निविरों को प्राथमिकता मिलेगी। भारत का युवा मातृभूमि की सेवा के लिए आगे आएगा।
दशकों तक भारत की सेना की उम्र युवा होने पर चर्चा होती रही। लेकिन इस पर कोई समाधान नहीं किया गया। पहले कुछ लोगों का मानना था, सिर्फ नेताओं को सलाम करना। लेकिन हमारे लिए सेना का 140 करोड़ लोगों की आस्था, देशी की सुरक्षा की गांरटी।
अग्नीपथ का लक्ष्य सेनाओं को युद्ध के लिए योग्य बनाए रखना है। विपक्ष भ्रम फैला रहा है कि सरकार इस योजना से पेंशन के पैसे बचा रही है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि सेना पेंशन का पैसा बचाने के लिए ये योजना लेकर आई है। लेकिन आज भर्ती हुए सैनिक को तीस साल बाद पेंशन मिलनी है। तब मोदी की उम्र 105 साल होगी। क्या तब भी मोदी सरकार होगी। साथियों मेरे लिए दल नहीं देश सर्वोपरि है। कुछ लोग सेना के इस सुधार पर भी राजनीति कर रहे हैं। ये वही लोग हैं, जिन्होंने हजारों करोड़ के घोटाले करके सेना को कमजोर किया। हमारे लिए राष्ट्र सुरक्षा और शांति पहले है। देश के युवाओं को जो गुमराह कर रहे हैं कि उन्हें सेनाओं के इन लोगों ने वन रैंक वन पेंशन पर झूठ बोला। हमारी सरकार ने इसे लागू किया।
ये वही लोग हैं, जिन्होंने वार मेमोरियल नहीं बनाया। सेना के जवानों को पर्याप्त बुलेट प्रूफ जैकेट भी नहीं दी। ये वही लोग हैं जो कारगिल विजय दिवस को भी नहीं मनाते हैं। कारगिल की विजय किसी सरकार की विजय नहीं थी, ये विजय देश की थी। ये जीत देशी की विरासत है। ये देश के गर्व और स्वाभिमान का पर्व है। मैं एक बार फिर देश के 140 करोड़ देशवासियों के तरफ से नमन करता हूं।
इससे लेह को हर मौसम में कनेक्टिविटी प्रदान की जा सकेगी। यह दुनिया की सबसे ऊंची सुरंग होगी। शिंकुन ला सुरंग न केवल हमारे सशस्त्र बलों और उपकरणों की तेज व कुशल आवाजाही सुनिश्चित करेगी, बल्कि लद्दाख में आर्थिक और सामाजिक विकास को भी बढ़ावा देगी।