बढ़े जलस्तर से किसानों की कई कनाल उपजाऊ भूमि, मकान, स्कूल और श्मशानघाट चढ़ गए भेंट
ज्यौड़ियां। दरिया चिनाब का जलस्तर इस समय 18 फीट से भी कम है और आने वाले दिनों में इससे भी कम होगा। चिनाब के तटवर्ती गांवों के लोगों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि स्पेशल फंडस जारी कर चिनाब के दोनों किनारों को स्थायी रूप से चैनलाइज किया जाए।
नायब सरपंच अनिल कुमार पंचायत सरवाल ने बताया कि बीती बरसात में दरिया चिनाब के तटवर्ती गावों के लोगों ने बहुत ही मुश्किलों का सामना किया है। बढ़े जलस्तर से किसानों की कई कनाल उपजाऊ भूमि, मकान, स्कूल, श्मशानघाट भेंट चढ़ गए। किसानों की तरफ से बीजी गई फसलों का भी काफी नुकसान हुआ, लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा और इस समय चिनाब में जलस्तर बहुत ही कम है। बाढ़ नियंत्रण विभाग को चाहिए कि चिनाब के किनारों पर क्रेट डाल कर मजबूत किया जाए।
केंद्र सरकार को चाहिए कि स्पेशल फंडस जारी कर चिनाब के दोनों किनारों को स्थायी रूप से चैनलाइज कर दिया जाए। गांव बकोर निवासी मंहत केशव दास महाराज ने बताया कि इस बीती बरसात में चिनाब का जलस्तर खतरे के निशान से काफी अधिक रहा। चिनाब के जलस्तर से हम लोग काफी नुकसान सह चुके हैं लेकिन अब सहन करना मुश्किल है। प्रशासन से मांग है कि अब चिनाब में पानी बहुत ही कम है और किनारों पर बांध बनाए जाएं।
बता दें कि अखनूर से लेकर गांव हमीरपुर सिद्दड़ तक दरिया चिनाब की चपेट में लगभग दो दर्जन के करीब छोटे बड़े गांव हैं। बरसात के दिनों में जलस्तर बढ़ने पर विभाग की तरफ से संकट काॅल काम का भी कोई लाभ नहीं हो पाता है।
बाबा भारती, गांव इंद्री निवासी मदन सिंह चिब और सरपंच अवतार सिंह ने बताया कि बरसात के मौसम में दरिया चिनाब के जलस्तर से भूकटाव हर बार होता है। दरिया गांवों में दस्तक दे चुका है लेकिन प्रशासन, केंद्र सरकार तथा बाढ़ नियंत्रण विभाग आज भी मूकदर्शक बना हुआ है।