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बीएसएफ हमले के आतंकियों पर कोर्ट ने सुनाया ये फैसला

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जम्मू के इतिहास में ऐसे कम मौके देखने को मिले हैं कि किसी अपराधी को पेश करने के लिए रविवार को अदालत खुली हो, लेकिन रविवार को जम्मू अदालत परिसर स्थित एनआईए की विशेष अदालत खुली और उसमें लश्कर के दो आतंकियों को पेश किया गया।
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दोनों आतंकी खुर्शीद अहमद इट्टू और फैयाज अहमद इट्टू उर्फ फैयाज वेल्डर को कुलगाम से शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था। इन पर आरोप है कि उधमपुर में बीएसएफ के काफिले पर हमले के दौरान उन्होंने पाकिस्तानी मोहम्मद नावेद और नोमान (मुठभेड़ में ढेर) की मदद की थी।

नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) के आवेदन पर कोर्ट ने दोनों को 14 दिनों के पुलिस रिमांड पर भेजा। उल्लेखनीय है कि पांच अगस्त को उधमपुर के पास बीएसएफ काफिले पर हुए हमले में दो बीएसएफ जवान शहीद हो गए थे। इसमें पाक आतंकी नोमान मौके पर ढेर कर दिया गया था, जबकि मोहम्मद नावेद को दो ग्रामीणों ने जिंदा पकड़ लिया था।
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खुर्शीद चला रहा था मारूति 800


शनिवार की देर रात दोनों आतंकियों को लेकर एनआईए टीम मीरां साहिब स्थित ज्वाइंट इंटेरोगेशन सेंटर (जीआईसी) पहुंची। सुबह दोनों आतंकियों का पुलिस लाइन स्थित अस्पताल में मेडिकल करवाया गया, लेकिन जज द्वारा दोपहर तीन बजे का समय दिए जाने के कारण दोनों आतंकियों को वापस जीआईसी ले जाया गया।

दोपहर तीन बजे के बाद उन्हें अदालत लाया गया। जहां सुरक्षाकर्मियों के अलावा कोई नहीं था। एनआईए के आवेदन पर गौर करने के बाद जज ने दोनों को रिमांड पर भेज दिया। जहां से उन्हें वापस जीआईसी ले जाया गया। यहां उससे एनआईए टीम गहन पूछताछ करेंगी। उल्लेखनीय है कि हमले से पहले जिस ट्रक में पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद नावेद याकूब और नोमान को उधमपुर लाया गया था।

उसे एस्कार्ट करने वाली मारुति-800 कार को खुर्शीद अहमद इट्टू चला रहा था। फैयाज वेल्डर के घर में आतंकी हमले की योजना तैयार की गई थी। पाकिस्तानी आतंकी उसके घर में ही ठहरे थे। आतंकी हमले में अब तक पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद नावेद सहित छह लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
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तो इसीलिए लगी रविवार को अदालत

जानकारों के अनुसार श्रीनगर की अदालत से नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने दोनों आतंकियों को ट्रांजिट रिमांड पर लिया था। श्रीनगर से जम्मू के सफर में लगने वाले समय के आधार पर जज ने दोनों को रविवार को ही एनआईए जज के समक्ष पेश करने के निर्देश दिए।

एनआईए के स्पेशल जज के पास अन्य सेशन जज की तरह मजिस्ट्रेट के अधिकार भी होते हैं। इसी कारण रविवार को उनकी अदालत खोली गई और दोनों को पेश किया गया। दोपहर लगभग तीन बजे एनआईए के विशेष जज वाईपी कोतवाल अपनी अदालत में पहुंचे। इस दौरान पूरी अदालत परिसर सुनसान थी। चारों ओर सिर्फ सुरक्षाकर्मी ही थे।

इनमें जम्मू-कश्मीर पुलिस के अलावा सीआरपीएफ के जवान थे। सबसे पहले एनआईए के सीनियर पीपी बलवंत सिंह मन्हास पहुंचे। उनके तुरंत बाद पुलिस एस्कार्ट के बीच दो वाहन पहुंचे। एक में जम्मू के पूर्व एसएसपी (वर्तमान में एनआईए में सेवारत) अतुल गोयल और अन्य अधिकारी थे, जबकि दूसरे वाहन में कड़ी सुरक्षा के बीच खुर्शीद अहमद इट्टू और फैयाज अहमद इट्टू थे।

हालांकि छुट्टी का दिन होने के कारण अदालत में कोई चहल-पहल नहीं थी, लेकिन फिर भी दोनों आतंकियों के चेहरे काले नकाब से ढके गए थे। लगभग एक घंटे की अदालती कार्यवाही के बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा में वापस ले जाया गया।
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