अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रदेश में रोजगार के हालात बिगड़ रहे हैं। एक भर्ती प्रक्रिया पूरी होने में तीन से चार साल का समय लग रहा है। तैयारी में जुटे युवाओं के साथ-साथ परिणाम की आस में अभ्यर्थी परेशान हैं। जम्मू-कश्मीर सेवा चयन बोर्ड ने (जेकेएसएसबी) परीक्षाओं के आयोजन में चुप्पी साधी है। एक लाख से अधिक युवाओं से जुड़ी जेकेपीएससी और जेईई सिविल परीक्षा का परिणाम जारी करने की मांग को लेकर सोमवार को जम्मू और श्रीनगर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जाएगा। सरकार को ताकत दिखाने के लिए अभ्यर्थी जम्मू में महाराजा हरि सिंह पार्क और श्रीनगर में प्रेस कॉलोनी में हुंकार भरेंगे।
मुख्य मांग जेकेपीएससी और जेईई सिविल परीक्षा का परिणाम जारी करने की रहेगी। जेकेपीएससी भर्ती प्रक्रिया 2021 में शुरू हुई थी, लेकिन दो साल बाद भी पूरी नहीं हुई। इस बीच एक बार परीक्षा रद्द हुई। सात दिसंबर, 2022 को दोबारा परीक्षा होने के बाद भी परिणाम जारी नहीं हुआ। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर परीक्षाओं से जुड़े अभ्यर्थी सरकार से परिणाम जारी करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। ऐसा माहौल तैयार किया जा रहा है कि सड़कों पर उतरे। रविवार को अभ्यर्थियों ने टेलीग्राम पर मीटिंग की और 30 अक्तूबर के प्रदर्शन में भाग लेने के लिए कहा।
ये परीक्षाएं भी लंबित
वित्त विभाग में 900 से अधिक वित्त लेखा सहायक, पंचायत राज विभाग में एक हजार पंचायत सचिव, वन विभाग में एक सौ से अधिक वनरक्षक सहित अन्य पदों के लिए लंबे अरसे से परीक्षाएं नहीं हुईं। इस कारण युवाओं का भविष्य अंधकार में जा रहा है। यही नहीं, पदों से जुड़े विभागों में लोगों को भी काम करवाने में परेशानी पेश आ रही है।