उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दिल्ली पब्लिक स्कूल श्रीनगर के छात्रों के साथ बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम से परे सीखने का माहौल बच्चों में जिज्ञासा, रचनात्मकता और व्यक्तित्व के बीज बोता है।
उप राज्यपाल मनोज सिन्हा की घड़ी की प्रशंसा डीपीएस श्रीनगर के कक्षा सात के एक विद्यार्थी ने की और एलजी ने बिना एक पल गंवाए बच्चे को यह महंगी घड़ी उपहार में दे दी। उन्होंने कहा कि लीजिए यह आपके लिए प्यार का टोकन है। दरअसल वीरवार को स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कक्षा सात के एक विद्यार्थी ने उनकी घड़ी की प्रशंसा करते हुए कहा कि सर, आपकी घड़ी काफी खूबसूरत है।
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इस पर एलजी ने बिना समय गंवाए उसे यह घड़ी दे दी। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने वीरवार को दिल्ली पब्लिक स्कूल श्रीनगर के छात्रों के साथ बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम से परे सीखने का माहौल बच्चों में जिज्ञासा, रचनात्मकता और व्यक्तित्व के बीज बोता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों को युवा मन में जिज्ञासा पैदा करनी चाहिए, उनकी आंतरिक रचनात्मकता को चमकने का अवसर प्रदान करना चाहिए और उन्हें अपने व्यक्तित्व को प्राप्त करने में मदद करनी चाहिए। उनका कहना था कि शिक्षा मन को जगाती है, छात्रों में जिज्ञासा पैदा करती है।
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उपराज्यपाल ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। उन्हें ऐसे कौशल सीखने की जरूरत है जो उन्हें वास्तविक दुनिया के लिए तैयार करें। यह शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन की सामूहिक जिम्मेदारी है कि वे स्कूल परिसर को जिज्ञासा के परिसर में बदल दें, जहां रटने की बजाय रचनात्मकता पर ध्यान दिया जाता है।
जहां बच्चों की नवीनता को पुरस्कृत किया जाता है, न कि केवल शीर्ष अंकों से। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से पूरी शिक्षा प्रणाली को बदलने का अभूतपूर्व कार्य चल रहा है।