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Jammu Kashmir: किश्तवाड़ नाबालिग मौत मामले में नया मोड़, क्राइम ब्रांच जांच की मांग पर सोमवार को HC में सुनवाई

Sat, 29 Aug 2026 03:58 PM IST
Nikita Gupta अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

किश्तवाड़ में 15 वर्षीय आदिवासी लड़की की मौत के मामले में स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिका पर जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा।
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court new - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में 15 वर्षीय आदिवासी लड़की की मौत के मामले में स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका में मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपने की मांग की गई है। हाईकोर्ट इस याचिका पर सोमवार को सुनवाई करेगा।

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पिता की ओर से दायर हुई याचिका
लड़की के पिता जो किश्तवाड़ के छात्रू गांव के निवासी हैं उनके ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दीपिका पुष्कर नाथ ने शनिवार को याचिका दायर की। याचिका में 20 अगस्त को हुई नाबालिग की मौत से पहले और उसके बाद सामने आए पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।

पंचायत में समझौते के दबाव का आरोप
याचिका में आरोप लगाया गया है कि नाबालिग की गर्भावस्था की जानकारी सामने आने के बाद पंचायत बुलाई गई थी। आरोप है कि लड़की के पिता पर मामले में समझौता करने और चुप रहने का दबाव बनाया गया तथा उन्हें पैसे की पेशकश भी की गई। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि पिता से दबाव में एक खाली कागज पर अंगूठा लगवाया गया। याचिका में पंचायत में मौजूद लोगों की पहचान करने और पूरे घटनाक्रम की जांच की मांग की गई है।

पुलिस ने गठित की एसआईटी, छह गिरफ्तार
इस मामले की जांच के लिए पुलिस पहले ही विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित कर चुकी है। अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें स्कूल का प्रधानाचार्य, जिसे मुख्य आरोपी बताया गया है, एक नर्स और किश्तवाड़ जिला अस्पताल में तैनात एक दैनिक वेतनभोगी सफाई कर्मचारी शामिल हैं। सरकार ने आरोपी शिक्षक को निलंबित कर दिया है, जबकि दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी को सेवा से बर्खास्त किया गया है।
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अस्पताल से मौत तक के घटनाक्रम की जांच की मांग
याचिका में नाबालिग की छात्रू स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जांच, किश्तवाड़ में अल्ट्रासाउंड, जिला अस्पताल में इलाज और बाद में डोडा स्थानांतरण समेत पूरे घटनाक्रम की जांच की मांग की गई है। याचिका के मुताबिक नाबालिग ने एक मृत बच्चे को जन्म दिया था और इसके बाद उसे पंजाब की ओर ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई। याचिका में गर्भावस्था को समाप्त करने के प्रयासों, दवाओं की खरीद और इस्तेमाल, नाबालिग को एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाने वाले लोगों तथा अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों पर मिले उपचार की भी जांच की मांग की गई है।

मेडिकल और डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग
याचिका में अस्पताल के रिकॉर्ड, अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट, मेडिकल पर्चे, एंबुलेंस रिकॉर्ड, जीपीएस और लोकेशन डेटा, सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक संचार, वित्तीय रिकॉर्ड और फोरेंसिक एवं डीएनए साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और उनकी जांच कराने की मांग की गई है।

स्कूल स्तर पर भी जवाबदेही तय करने की मांग
याचिका में यह भी जांचने की मांग की गई है कि अस्पताल के रिकॉर्ड में नाबालिग को एक 13 वर्षीय लड़के की पत्नी के रूप में दर्ज किए जाने की स्थिति कैसे बनी और यह जानकारी किसने उपलब्ध कराई। इसके अलावा स्कूल में नाबालिग की सुरक्षा गर्भावस्था की जानकारी सामने आने के बाद मामले को संभालने और संबंधित अधिकारियों को सूचना देने में किसी प्रशासनिक या संस्थागत चूक की भी जांच की मांग की गई है।
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