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पर्यटन क्षेत्र में टैक्स माफ करने पर विचार

Thu, 25 Sep 2014 11:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, श्रीनगर
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रियासत सरकार बाढ़ से पर्यटन क्षेत्र को हुए भारी नुकसान के बाद पर्यटन क्षेत्र में टैक्स माफ करने और इंटरस्ट फ्री लोन मुहैया कराने पर विचार कर रही है। एक मोटे अनुमान के मुताबिक पर्यटन विभाग को बाढ़ से दो हजार करोड़ रुपये का नुकसान होने की बात कही जा रही है।
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पर्यटन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पर्यटन क्षेत्र को फिर से पटरी पर लाने की कवायद के चलते टैक्स माफ करने समेत कुछ अन्य रियायतों की मांग करने संबंधी विभाग की ओर से एक प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। जल्द ही इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार को सौंप दिया जाएगा।

हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया इन रियायतों का लाभ केवल उन्हीं यूनिटों को मिलेगा, जो कि पहले से पर्यटन विभाग के साथ पंजीकृत हैं। पर्यटन विभाग के अधिकारी ने बताया कि श्रीनगर और राजबाग में बाढ़ का पानी भर जाने से सैकड़ों होटलों को भारी नुकसान हुआ है।
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ऐसे होटलों के लिए विभाग की ओर से एक साल के लिए बिना इंटरस्ट लोन की मांग की जाएगी। इसके साथ ही पर्यटन विभाग की ओर से रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से भी लोन के नियमों में ढील देने की मांग की जाएगी। पर्यटन विभाग के सूत्रों के मुताबिक होटलों को बाढ़ से करीब 200 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से पर्यटन विभाग के लिए 100 करोड़ रुपये के फंड की घोषणा की गई है, पर अभी पैसा आने में कुछ समय लग सकता है। उन्होंने बताया कि पैसा खर्च करने के लिए केंद्र सरकार को इसका पूरा ब्योरा देना पड़ेगा।

इसके चलते ऐसा माना जा रहा है कि अगले साल फरवरी तक यह पैसा मिल पाएगा। पर्यटन विभाग के मुताबिक डल लेक किनारे स्थित जेकेटीडीसी (जम्मू कश्मीर पर्यटन विकास प्राधिकरण) के होटलों को भी भारी नुकसान हुआ है और सरकार की ओर से इनकी मरम्मत के लिए दो करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं।
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एजेंसी
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