जम्मू कश्मीर के स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र के तहत पढ़ाई शुरू है, लेकिन कक्षा नौवीं से 12वीं तक संशोधित पाठ्यक्रम अब तक लागू नहीं हो पाया। वर्तमान में उन विषयों को पढ़ाया जा रहा है, जिन्हें बोर्ड ने पाठ्यक्रम से हटा दिया। आदेश के बाद भी जम्मू-कश्मीर बोर्ड तीन महीने से प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाया।
नई शिक्षा नीति के तहत नौवीं से 12वीं तक की पुस्तकों से कंटेंट को हटा कर संशोधित पाठ्यक्रम तैयार होना था। इसी के तहत प्रश्नपत्र भी बनने हैं। एनसीईआरटी दिल्ली ने पाठ्यक्रम को संशोधित किया है, जिसके आधार पर जेके बोर्ड के सभी स्कूलों में वर्तमान सत्र से पाठ्यक्रम लागू किया जाना है।
पांच मई को बोर्ड ने अधिसूचना जारी कर पाठ्यक्रम को संशोधित करने की बात कही थी। मगर हालात ऐसे हैं कि स्कूलों में पुराने पाठ्यक्रम के तहत पढ़ाई हो रही है। देरी का असर बच्चों की तैयारी पर पढ़ेगा।
जेके बोर्ड के अधिकारी ने दावा किया कि संशोधित पाठ्यक्रम तैयार कर लिया है। 11वीं और 12वीं के पाठ्यक्रम को मंजूरी के लिए भेजा है। इसके बाद नौवीं और 10वीं के पाठ्यक्रम को भेजेंगे। मंजूरी के बाद पाठ्यक्रम को लागू कर पाएंगे। वहीं, इस बारे में जब जेके बोर्ड के चेयरमैन प्रोफेसर परिक्षित सिंह मन्हास को फोन और मैसेज किया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
ये होगा असर- बच्चों को वह विषय भी पढ़ना पड़ रहा है जिसे बोर्ड ने हटाया है। नौवीं से 12वीं तक बोर्ड परीक्षाएं हैं, ऐसे में तैयारी पर प्रभाव पड़ेगा। बोर्ड परीक्षा मार्च-अप्रैल में होनी हैं जिससे नए पाठ्यक्रम को पूरे करने में चुनौती आएगी।