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बैंकिंग के रंग : जम्मू में बचत से तिजोरियां फुल, कश्मीर में लोन लेने की होड़

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जम्मू। जम्मू-कश्मीर की बैंकिंग व्यवस्था में अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिल रही हैं। जहां जम्मू संभाग के लोग बैंकों में पैसा सुरक्षित रखने यानी बचत करने को प्राथमिकता दे रहे हैं वहीं कश्मीर संभाग में विकास, खेती और कारोबार की रफ्तार बढ़ाने के लिए लोन लिया जा रहा है। हालत यह है कि जम्मू में बैंकों के पास कश्मीर से करीब 45,000 करोड़ रुपये ज्यादा जमा हैं लेकिन जब बात बाजार में कर्ज बांटने की आती है तो कश्मीर संभाग आगे निकल रहा है।
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बैंकिंग जगत में क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो से तय होता है कि बैंक अपनी जमा राशि के मुकाबले कितना लोन दे रहे हैं। इस मोर्चे पर दोनों संभागों का अंतर हैरान करने वाला है।

जम्मू संभाग के बैंकों में जमा हर 100 रुपये पर 49 रुपये से भी कम (48.49%) का लोन दिया जा रहा है। 31 दिसंबर 2025 तक 1.25 लाख करोड़ रुपये की राशि जमा थी जिसके मुकाबले केवल 61,064 करोड़ रुपये का लोन बांटा गया। अकेले जम्मू जिले में प्रदेश की सबसे ज्यादा 72,802 करोड़ रुपये की जमा राशि है लेकिन यहां का सीडी रेशियो महज 41.64 फीसदी है।
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कश्मीर संभाग में कहानी बिल्कुल उलट है। बैंकों के पास 80,581 करोड़ रुपये की जमा राशि है जिसके मुकाबले 68,198 करोड़ का लोन दिया जा चुका है। यानी जमा होने वाले हर 100 रुपये पर करीब 85 रुपये (84.63%) का लोन बांटा जा रहा है।





कश्मीर के जिलों में जमा से ज्यादा कर्ज

जिला
सीडी रेशियो

कुपवाड़ा 131.32%
शोपियां 126.77%
पुलवामा 113.44%
बडगाम 105.19%
इन चारों जिलों में हर 100 रुपये की जमा पर 100 रुपये से भी ज्यादा का कर्ज दिया गया है। इसके विपरीत जम्मू संभाग के कठुआ (53.18%), उधमपुर (54.67%), राजोरी (56.62%) और सांबा (57.04%) जैसे बड़े जिले 60 फीसदी के आंकड़े को भी नहीं छू पाए हैं।




लोन के साथ बढ़ा एनपीए का जोखिम

लीड बैंक मैनेजर खुर्शीद आलम के मुताबिक जम्मू संभाग में प्रति व्यक्ति जमा राशि अधिक है और लोग लोन के मुकाबले बचत को ज्यादा प्राथमिकता देते हैं। इसके विपरीत कश्मीर संभाग में खेती, बागवानी और उससे जुड़े व्यवसायों के लिए लोन की मांग ज्यादा रहती है जिससे वहां का सीडी रेशियो ऊंचा बना हुआ है। कश्मीर में कर्ज की तेज रफ्तार ने बैंकों के लिए नई चुनौती भी खड़ी कर दी है। ज्यादा लोन बांटने की वजह से कश्मीर संभाग में फंसे हुए कर्ज (एनपीए) का आंकड़ा भी अधिक है। संभाग का ग्रॉस एनपीए जहां 2,778 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है वहीं जम्मू संभाग में सुरक्षित बैंकिंग के चलते आंकड़ा महज 1,499 करोड़ रुपये पर ही सीमित है।
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