अमर शहीद किसान बाबा जित्तो जिसे जित्तमल के नाम से भी जाना जाता है, उनके स्थान झिड़ी में श्रद्धालुओं का पहुंचना जारी है। देव स्थान पर आयोजित मेले में राज्य के अलावा देश के विभिन्न भागों से बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।
अमर गाथा के बारे में बताते हुए देव स्थान के महंत शाम लाल गोसाई ने बताया कि छह सौ वर्षों से ज्यादा समय से झिड़ी में लोग बाबा के दर पर माथा टेकने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि माता वैष्णो देवी के परम भक्त बाबा जित्तो कटरा के समीप अगार कोट के रहने वाले थे। अगार से रोजाना मां वैष्णो के भवन में जाकर माथा टेकते थे।
24 वर्षों की तपस्या के बाद उनकी भक्ती से खुश होकर मां ने उन्हें वरदान दिया कि वह उनके घर में जन्म लेकर पांच वर्षों तक साथ रहेंगे। इस बीच बाबा जित्तो के घर में कन्या ने जन्म लिया। वहीं किसी कारण वश बाबा जित्तो अपनी चाची जोजां से परेशान होकर घर छोड़ बेटी बुआ कौड़ी को लेकर कानाचक्क क्षेत्र में आ गए।