जेडीए पार्किंग मैदान जम्मू में रविवार को गुज्जर बकरवाल महापंचायत में समुदाय के हितों के लिए आवा
जम्मू-कश्मीर गुज्जर-बकरवाल संगठनों की समन्वय समिति ने रविवार को जेडीए पार्किंग मैदान, रेल हेड कांप्लेक्स बाहु प्लाजा में महा पंचायत कार्यक्रम करवाया। इसमें गुज्जर बकरवालों के अधिकारों और हितों के लिए आवाज बुलंद की गई। वक्ताओं ने देशभर से गुज्जर-बकरवालों से जम्मू-कश्मीर में अनुसूचित जनजाति के अधिकारों की रक्षा करने की अपील की। संसद सत्र में पेश होने वाले प्रस्तावित विधेयक का विरोध किया गया। कार्यक्रम में पंचों, सरपंचों, बीडीसी, डीडीसी, अध्यक्षों सहित अन्य प्रतिनिधियों ने शिरकत कर एकजुटता दिखाई।
समन्वय समिति के अध्यक्ष अनवर चौधरी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में गुज्जर-बकरवालों के अधिकारों की रक्षा करने की जरूरत है और इसके लिए देशभर से समुदाय को आगे आना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि शुक्रवार को संसद सत्र में अवैध और असंवैधानिक विधेयक को पेश किया जा रहा है। यह विधेयक जम्मू-कश्मीर एसटी के खिलाफ है। सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति जीडी शर्मा की अध्यक्षता में एक अवैध और असंवैधानिक आयोग गठित किया गया है, जो कुछ उच्च वर्गों और जातियों को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल करने की सिफारिश कर रहा है।
गुज्जर समुदाय सेवानिवृत्त केके एएस और आईएएस अधिकारियों ने आश्चर्य व्यक्त किया कि ये सिफारिशें कैसे की गईं और ऐसी अवैध और असंवैधानिक सिफारिशों पर विधेयक कैसे तैयार किया गया। महा-पंचायत में वक्ताओं ने भाजपा की ओर इशारा करते हुए एक राजनीतिक दल के कुछ नेताओं के आचरण की निंदा की, जिन्होंने अपनी पार्टी के कुछ लोगों को गत दिवस एक पत्रकार प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने के साथ जम्मू-कश्मीर की अनुसूचित जनजातियों को गुमराह करने के लिए मजबूर किया। दावा किया गया कि पहले से मौजूद अनुसूचित जनजातियों की स्थिति को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। लेकिन गुज्जर-बकरवालों की अनुसूचित जनजाति की स्थिति के संरक्षण के लिए हमारा संघर्ष रहेगा।
कार्यक्रम में एडवोकेट सुनील भैंसला दिल्ली, आनंद पटेल एडवोकेट जयपुर, नरेंद्र सिंह गुर्जर, वीर गुर्जर दिल्ली, सुमैया चौधरी, मो. ओवैस, अकरम, छात्र नेता बिलाल रशीद, जफर इकबाल उधमपुर, आर्यन चौधरी कश्मीर आदि ने विचार रखे। मौके पर शब्बीर कोहली, निहाल सिंह गुर्जर मध्य प्रदेश, नितिन गुर्जर उत्तराखंड, बशीर अहमद आदि मौजूद रहे।