जम्मू विकास प्राधिकरण (जेडीए) से 350 फाइलें गायब होने की जांच क्राइम ब्रांच के पास पहुंचते ही विभागीय कर्मचारी सकते में हैं। रिकॉर्ड रूम की तीन डिवीजनों के 15 से 18 कर्मचारियों ने अवकाश के लिए आवेदन कर दिया है। कुछ ने एक हफ्ते तो किसी ने 10 दिन की छुट्टी के लिए अप्लाई किया है। वहीं, अब रिकॉर्ड रूम में आवंटन की फाइलें कॉलोनी नंबर के हिसाब से रखने के अलावा एक डिवीजन से दूसरे डिवीजन को देने की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। यदि किसी डिवीजन से फाइल गुम हुई तो रिकॉर्ड कीपर ही जिम्मेदार होगा। इसके साथ ही प्रतिमाह प्रत्येक डिवीजन की जांच जिम्मेदार करेंगे।
जेडीए कार्यालय के रिकॉर्ड रूम से बड़ी संख्या में आवंटन की फाइलें गायब होने की जांच क्राइम ब्रांच शुरू करने जा रही है। इसके लिए शहरी आवास एवं विकास विभाग ने क्राइम ब्रांच को पत्र लिखा है। क्राइम ब्रांच की ओर से जांच करने की जानकारी मिलते ही जेडीए के अफसरों और कर्मचारियों में हड़कंप मचा है। जानकारी के मुताबिक आवंटन रिकॉर्ड रूम में तैनात लगभग 15 से 18 कर्मचारियों ने रिकॉर्ड रूम सहायक को आवेदन दिया है। इनमें ज्यादातर कर्मचारी वे हैं जो 2014 से लेकर अब तक रिकॉर्ड रूम में सेवाएं दे रहे हैं। करीब 10 कर्मचारी ऐसे हैं जिन्होंने बीमार होने की वजह बताकर एक हफ्ते की छुट्टी ली है, वहीं अन्य आठ कर्मचारियों ने व्यक्तिगत समस्या बताकर आठ से 10 दिन का अवकाश लिया है।
फाइल कहां है, नहीं मिल पाती थी जानकारी
नई व्यवस्था में रिकॉर्ड रूम से फाइलें क्लर्क ही रिकॉर्ड कीपर की सहायता से लेंगे और दूसरी डिवीजनों को भेजेंगे और वहां से वापस लेंगे। हालांकि, पहले रिकॉर्ड रूम से मांगे जाने पर क्लर्क रिकॉर्ड कीपर को फाइलें देने को कहते थे, लेकिन कई बार फाइलें दूसरी डिवीजन या फिर अधिकारियों के पास जाती थी। इसका पता नहीं चल पाता था कि फाइलें वापस आई या नहीं। अब रिकॉर्ड मेंटेन किया जाएगा। रजिस्टर चेक कर पता लग जाएगा कि कौन सी कॉलोनी की फाइल किस अधिकारी के पास है।
फाइलें एक से दूसरी डिवीजन या फिर अधिकारियों के पास जाने पर क्लर्क रिकॉर्ड मेंटेन करेंगे। इससे पता चल सकेगा कि कौन सी फाइल कहां पर है। बिना रिकॉर्ड मेंटेन किए कोई फाइल इधर से उधर नहीं जाएगी। कॉलोनी वाइज क्लर्क की जिम्मेदारी फाइलें संभालने की रहेगी। यदि कोई कर्मचारी अवकाश लेता है तो उसे दिया जाएगा।
- साहिल जंडियाल, सचिव, जेडीए।