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Jammu News: चार साल से पुलिस कर्मियों का आवास बना जेडीए क्लब, आज तक नहीं हो पाई शादी

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संवाद न्यूज एजेंसी
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जम्मू। वार्ड-62 अपर रूपनगर में चार साल पहले क्लब का निर्माण किया था। मकसद-आर्थिक कमजोर लोगों को राहत देना था, लेकिन लापरवाही के कारण आज तक लाभ नहीं मिल पाया। इस कारण लोगों को महंगे इवेंट हॉल में शादी व अन्य कार्यक्रम करने पड़ रहे हैं, जिससे जेब पर बोझ पड़ रहा है। 2.14 करोड़ की परियोजना पर काम दिसंबर 2017 में शुरू हुआ, जो 2019 में पूरा हो पाया। लॉकडाउन के बीच पुलिस कर्मियों के हवाले क्लब कर दिया गया, जो अब भी वहां डेरा जमाए बैठे हैं। इसके चलते स्थानीय वासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जम्मू विकास प्राधिकरण (जेडीए) के क्लब में दो पार्टी हॉल, लाइब्रेरी, कैरम रूम, वेंटिंग हॉल, रेस्तरां बनाए गए हैं। मगर इन सभी सुविधाओं का फायदा न तो जेडीए को हो रहा है, न ही आमजन को। यहां तक कि जिनके लिए क्लब बनाया, उन्हें भी अंदर जाने की अनुमति नहीं है। अगर कोई गलती से चला जाए तो पुलिस कर्मी रोक देते हैं। कारण पूछने पर आलाधिकारी से बात करवाने के लिए कहते हैं। इससे साबित हो रहा है कि क्लब कुछ पुलिस कर्मियों का निजी आवास बन चुका है।
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यही नहीं, कुछ लोगों ने क्लब बनने के बाद सदस्यता तक ली थी, जिसकी फीस प्रति व्यक्ति 10 हजार रुपये थी। लाभ नहीं दे पाने के कारण जम्मू विकास प्राधिकरण की ओर से करीब एक लाख रुपये लोगों को लौटा दिए गए। ऐसे में सुख और दुख में काम आने वाला क्लब लोगों के लिए बोझ बन गया है। हालांकि, अधिकारियों का दावा है कि जल्द पुलिस कर्मियों को क्लब से कहीं और शिफ्ट कर दिया जाएगा, लेकिन कब तक-इसका जवाब शायद ही मिल पाए।
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बच्चों के लिए था मनोरंजन का बड़ा केंद्र

स्थानीय निवासी महेश चंद्र ने बताया कि पुलिस अधिकारियों के रहने के कारण दिक्कतें हो रही हैं। क्लब का किसी को फायदा नहीं मिल रहा। पुलिस विभाग को चाहिए कि कर्मचारियों के रहने के लिए किसी और जगह इंतजाम किया जाए। इसी तरह अमन शर्मा ने कहा कि क्लब बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र था। यहां पर मनोरंजन के साधन मौजूद हैं। छोटे से कार्यक्रम के लिए होटलों में जाना पड़ रहा है, जिसके कारण अलग से आर्थिक नुकसान हो रहा है। इसलिए पुलिस वालों को जल्द क्लब खाली कर देना चाहिए।

जिस मकसद के साथ क्लब बनाया गया, वह पूरा नहीं हो पाया। आला अधिकारियों से बात भी की। पुलिस कर्मियों को जल्द क्लब खाली करना चाहिए।

-रेखा मन्हास, पार्षद, वार्ड-62
कोविड के समय पुलिस को क्लब दिया था। आज भी पुलिस रह रही है। जल्द पुलिस से क्लब वापस लेंगे।

-संजय आनंद, एक्सईएन, जेडीए
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