श्री अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। यात्रा के लिए 500 सुरक्षाबलों की कंपनियां सुरक्षा में तैनात होंगी। एक जुलाई से पहले अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा पूरी तरह से सुरक्षाबलों के हाथों में होगी। जानकारी के अनुसार इस समय रियासत में 300 कंपनियां मौजूद हैं। जबकि रियासत ने केंद्र से 200 कंपनियां और मांगी हैं। कुल मिलाकर 50 हजार से अधिक सुरक्षाबलों की मौजूदगी में अमरनाथ यात्रा होगी। वहीं इन्हीं सुरक्षाबलों के सहारे चुनाव आयोग रियासत में विधानसभा चुनाव भी करा लेगा।
अमरनाथ यात्रा एक जुलाई से शुरू होकर 15 अगस्त के आसपास खत्म हो जाएगी। ऐसे में चुनाव आयोग चाहता है कि जब यात्रा खत्म हो तो उसके ठीक बाद चुनाव करा दिये जाएं। क्योंकि तब सुरक्षाबल पहले से मौजूद होंगे और चुनाव आयोग को इसके लिए अलग से व्यवस्था नहीं करनी होगी।
अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा के लिए करीब 50 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती होनी है। यह आंकड़ा बढ़ाया भी जा सकता है। सुरक्षाकर्मी अगस्त तक रियासत में रहेंगे। सूत्रों का कहना है कि यात्रा के बाद इनको चुनाव के लिए होल्ड पर रख लिया जाएगा। अभी हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में भी ऐसा ही देखने को मिला है।
चुनाव ड्यूटी के लिए बुलाई गई सीआरपीएफ सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियों की 300 से अधिक कंपनियों को रोक लिया गया है, जिनको अमरनाथ की सुरक्षा में लगाया जाएगा। सुरक्षाबलों की 200 नई कंपनियां कुछ ही दिन में और आ जाएंगी। इसी तरह जो अमरनाथ यात्रा में तैनात होंगे, उनको विधानसभा चुनाव के लिए रोक लिया जाएगा। दरअसल, इनको भेजने के बाद दोबारा बुलाने पर अधिक खर्च होगा। इसलिए चुनाव आयोग की कोशिश है कि मौजूद सुरक्षाबलों की मदद से ही चुनाव करा लिया जाए।