जम्मू।
उधमपुर एफसीआई गोदाम के पूर्व चीफ सुपरवाइजर और पूर्व इंचार्ज विजिलेंस स्कवायड सीएपीडी राकेश कुमार की करोड़ों रुपये की संपत्ति अटैच कर दी गई है। सिकॉप के पूर्व एमडी रतन लाल टिक्कू पर भी एसीबी ने शिकंजा कसते हुए उनकी लाखों रुपये की संपत्ति को अटैच किया है। अपने कार्यकाल के दौरान इन अफसरों ने भ्रष्टाचार करके मोटा माल कमाया।
इसी साल राकेश परगाल के खिलाफ एसीबी ने केस दर्ज किया था। एसीबी की टीम ने राकेश परगाल के घर पर छापेमारी की। इस दौरान 285 ग्राम सोना, कई तरह के दस्तावेज जब्त किए गए। कुछ बैंक खातों को सीज किया गया। राकेश के खिलाफ डोडा एसीबी पुलिस स्टेशन में 260 करोड़ रुपये की धांधली का केस भी दर्ज है। यह धांधली गेंहू के आटे को लेकर की गई।
अब मामले में आगे की जांच करने के बाद एसीबी ने राकेश की करोड़ों रुपये की संपत्ति को अटैच कर दिया है। अपनी नौकरी के दौरान राकेश कई महत्चचपूर्ण स्थानों पर रहा है। इस दौरान मोटी कमाई की। इस बात का अंदाजा यहीं से लगाया जा सकता है कि राकेश परगाल 1984 में चिनैनी के टीएसओ कार्यालय में बतौर डेली वेजर तैनात हुआ था। इसके बाद उधमपुर एडी कार्यालय। 2009 में राकेश को निलंबित भी किया गया। वह 2012 तक निलंबित रहा। निदेशक कार्यालय में वह अटैच रहा। निलंबित होने के बावजूद राकेश को सीएपीडी विभाग में विजिलेंस स्कवायड का इंचार्ज बना दिया गया। जो दर्शाता है कि राकेश की विभाग के साथ किस कदर मिलीभगत है। राकेश के 1. 2 करोड़ रुपये की डोगरी हवेली को एसीबी ने अटैच कर लिया है।
उधर, सिकॉप के पूर्व एमडी रतन लाल टिक्कू पर भी भ्रष्टाचार के केस हैं। वह सिकॉप में कई पदों पर रहा है। इस दौरान भ्रष्टाचार के माध्यम से बड़े स्तर पर कमाई की। अपने और परिवार के नाम पर कई तरह की संपत्तियां खड़ी कर ली। रतन के 47 लाख के तीन फ्लैटस अटैच किए गए हैं।