मंगलवार को लोक निर्माण विभाग, बिजली कारपोरेशन, जलशक्ति, फ्लोरीकल्चर, एग्रीकल्चर, आरएंडबी, एस्टेट, पीएमएसजीवाई के अस्थाई ने कार्यालयो के बाहर प्रदर्शन किए और नारेबाजी की। कर्मचारियों का कहना है कि जल्द से जल्द मांगों का हल किया जाए। लंबे समय से सेवाएं दे रहे हैं मगर उनके बारे में नहीं सोचा जा रहा है। अब स्थिति ऐसी है कि उन्हें नौकरी छोड़ने पर विवश होना पड़ रहा है। सात हजार रुपये में सेवाएं देना मुश्किल है। जल्द से जल्द नियमित किया जाए। आल डिपार्टमेंट केजुअल लेवर फ्रंट के अध्यक्ष सतीश शर्मा ने कहा कि हड़ताल मांगे हल होने तक जारी रहेगी। प्रदेशभर में 60 हजार से ज्यादा कर्मचारी हड़ताल पर रहा है। कर्मचारी बीते 25 सालों से काम कर रहे हैं। हालत यह है कि कर्मचारियों का परिवार का पालन पोसण करना मुश्किल हो गया है। महंगाई बढ़ती जा रही है मगर वेतन नहीं बढ़ाया जा रहा है।