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11वे दिन भी हड़ताल पर डटे रहे जल शक्ति विभाग के अस्थायी कर्मी ।

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11वे दिन भी हड़ताल पर डटे रहे जल शक्ति विभाग के अस्थायी कर्मी । पयजल संकट गहराने से लोग कुदरती जल स्त्रोत के सहारे । चिनैनी। लंबित मांगों को लेकर जल शक्ति विभाग के अस्थायी कर्मियों का धरना प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा। उन्होंने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए काम छोड़ हड़ताल जारी रखी । जल शक्ति विभाग के कार्यालय के बाहर अस्थायी कर्मियों ने 11वे दिन भी अपनी मांगों को उजागर करते हुए कहा कि सरकार उनकी मांगों को हलके में ले रही है जबकि अस्थायी कर्मी वेतन न मिलने से परेशानियां झेल रहे है और पिछले 25 सालों से कई कर्मी विभाग में कार्य कर रहे है बावजूद उसके उन्हें स्थायी नही किया गया ऐसे में कुछ कर्मी सेवानिवृत होने की कगार पर पहुंच चुके है जिन्हें अभी भी स्थायी होने का इंतजार है । अस्थायी कर्मियों ने कहा कि उन्हें स्थायी करने और पांच साल से बकाया वेतन को लेकर सरकार गंभीर नही है लेकिन अब वह परिवार सहित सड़कों पर आने के लिए वह समय नही चुनेंगें । ----------------------------------------------------------- लोगों को पयजल के लिए जाना पड़ रहा बाबलियों पर । अस्थायी कर्मियों की हड़ताल के कारण पयजल संकट काफी गहरा गया है, पानी कई कई दिनों बाद नसीब हो पा रहा है जबकि लोगों को पानी के लिए बाबलियों का रूख करना पड़ रहा है । पानी को लेकर त्राहि मची हुई है जबकि विभाग का कहना है कि उनके पास स्थायी कर्मियों की कमी है जिससे समस्या पेश आ रहा है । लोगों ने कहा कि अस्थायी कर्मियों की हड़ताल होने से यह साफ नजर आता है कि विभाग भी अस्थायी कर्मियों पर ही निभर्र था और उन्ही द्धारा पानी की समस्या को दूूर किया जाता था तो फिर सरकार उनकी मांगों को लेकर गंभीर क्यों नही है । उन्होनें कहा कि इन दिनों पयजल संकट इतना बढ़ गया है कि कुदरती जल स्त्रोत से भी पानी की समस्या दूर नही हो रही, कुदरती जल स्त्रोत से सिर्फ पयजल समस्या का हल होता है जबकि घर में इस्तेमाल होने वाले पानी के लिए जल शक्ति विभाग को पानी संकट को दूर करना चाहिए, जिसको लेकर लोग किराया देते है और विभाग का कार्य है कि पानी की समस्या को दूर किया जाए चाहे जैसे भी हो ।
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