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जम्मू: वीवीआईपी को भरपूर, आम लोगों के लिए पानी की टैंकर सेवा बनी नासूर, गर्मी आते ही पानी की किल्लत शुरू

Thu, 20 Apr 2023 02:10 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

पानी की कमी पूरी करने के लिए लोगों को निजी टैंकर मंगवाने पड़ते हैं। 600 रुपये में मिलने वाले एक टैंकर के 1500 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं। शहर में हर बार प्रचंड गर्मी में पानी की किल्लत चरम पर पहुंच जाती है। 
 
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Water Tanker - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जम्मू शहर में पानी की किल्लत पर टैंकर मंगवाने के लिए वीवीआईपी बनना पड़ेगा, क्योंकि इनकी एक कॉल पर तुरंत आपूर्ति की जाती है। आम लोगों के बार-बार फोन मिलाने पर भी विभाग सुनवाई नहीं करता। ये आरोप आम लोगों के साथ-साथ नगर निगम के कई पार्षदों ने लगाए हैं।

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जम्मू नगर निगम और जलशक्ति विभाग हर बार पानी की किल्लत दूर करने के दावे करता है, लेकिन समस्या हल नहीं हो पा रही। इसका कारण- निगम और विभाग के पास टैंकर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हैं। हाल ही में निगम ने चार नए टैंकर खरीदे हैं। निगम के पास कुल आठ टैंकर हैं। 

वहीं, जलशक्ति विभाग अभी तक नए टैंकर नहीं खरीद पाया है और इसके पास भी 42 टैंकर हैं। प्रति टैंकर से रोजाना औसतन शहर में पांच से छह बार आपूर्ति होती है। हर बार विभाग समस्या का निदान करने का आश्वासन देता है, लेकिन गर्मी में यह विकराल हो जाती है।
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पानी की कमी पूरी करने के लिए लोगों को निजी टैंकर मंगवाने पड़ते हैं। 600 रुपये में मिलने वाले एक टैंकर के 1500 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं। शहर में हर बार प्रचंड गर्मी में पानी की किल्लत चरम पर पहुंच जाती है। 

स्थिति यह रहती है कि हर रोज औसतन 600 से 700 कॉल टैंकर के लिए जलशक्ति विभाग के पास आतीं हैं, लेकिन इसमें सिर्फ 250 से 300 कॉल पर ही पानी की आपूर्ति हो पाती है, वह भी रसूखदारों के लिए। अन्य कॉल पर दूसरे दिन भी गौर नहीं किया जाता है और हफ्ते में यह संख्या एक हजार से ऊपर पहुंच जाती है।

जैसे-जैसे पेयजल किल्लत बढ़ती है, वैसे-वैसे टैंकर सेवा भी हांफ जाती है। इस पर जलशक्ति विभाग वीवीआईपी कॉल को ही तव्वजो देता है और आम लोगों को परेशानी से जूझना पड़ता है।
बिजली गुल होने से टैंकर सेवा भी रहती है बाधित : शहर में गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की आंख-मिचौली भी शुरू हो जाती है। कई बार आठ से दस घंटे कटौती के कारण टैंकर सेवा भी बाधित हो जाती हैं। मोटर बंद रहने के कारण टैंकर खाली रहते हैं।

बिजली गुल होने से टैंकर सेवा भी रहती है बाधित

शहर में गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की आंख-मिचौली भी शुरू हो जाती है। कई बार आठ से दस घंटे कटौती के कारण टैंकर सेवा भी बाधित हो जाती हैं। मोटर बंद रहने के कारण टैंकर खाली रहते हैं।

हर बार गर्मी में टैंकर के लिए बुकिंग करवाई जाती है, लेकिन आपूर्ति नहीं होती। रसूकदार लोगों को ही लाभ पहुंचाया जाता है। आम जनता के लिए कोई सुविधा नहीं मिलती है। वार्ड में तीर-तीन दिन तक पानी नहीं मिल पाता है। - प्रो. युद्धवीर सिंह, पार्षद वार्ड-74।

गर्मी शुरू होते ही नल सूख जाते हैं। अभी तक पानी स्टोरेज क्षमता भी नहीं बढ़ पाई है। जरूरत पर टैंकर बुकिंग करने पर भी सेवा नहीं मिलती है, जबकि वीवीआईपी लोगों को कॉल करते ही पानी का टैंकर मिल जाता है। - द्वारका चौधरी, नेता विपक्ष।

ग्रामीण इलाकों को शहर में जोड़ा गया है। पिछली बार भी गर्मी में पेयजल किल्लत रही, इस बार भी कोई समाधान नहीं हो पाया है। टैंकर सेवा भी लोगों को नहीं मिलती है। बार-बार बुकिंग के बाद भी टैंकर नहीं भेजे जाते। - घार सिंह, पार्षद, वार्ड-75।

गर्मी में लोगों को परेशानी पेश नहीं आने दी जाएगी। टैंकरों के माध्यम से भी आपूर्ति की जाएगी। साथ ही कुछ निजी टैंकरों को भी जलशक्ति विभाग पानी की आपूर्ति के लिए लगाएगा। हालांकि विभाग को अतिरिक्त टैंकरों की जरूरत है। - विजय गुप्ता, एक्सईएन, जलशक्ति विभाग।

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