वार्ड 65 के लोग बोले- कई बार लगा चुके गुहार, नगर निगम की नहीं खुल रही नींद
संवाद न्यूज एजेंसी
दोमाना। शहर के वार्ड 65 में स्ट्रीट लाइटें शोपीस बन चुकी हैं। इस कारण पांच माह से शाम ढलते ही वार्ड की गलियों में अंधेरा छा जाता है, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जरूरी काम होने पर लोगों को टॉर्च या मोबाइल की लाइट जलाकर घर से निकलना पड़ता है। वार्डवासियों गजय सिंह पुरा निवासी गोल्डी, तरसेम शर्मा और पटोली के धीरज शर्मा ने नगर निगम पर आरोप लगाया कि कई बार गुहार लगाने के बावजूद आजतक लाइटें ठीक नहीं हुईं।
समस्या के बारे में नगर निगम के एक्सईएन सिमरनपाल सिंह और एई दीपक भट से शिकायत की गई, लेकिन आजतक कोई कर्मचारी मरम्मत करने नहीं पहुंचा है। इस समस्या को अमर उजाला ने चार जनवरी के संस्करण में प्रमुखता से उठाया था।
उस समय नगर निगम के एक्सईएन सिमरनपाल सिंह छह जनवरी को सभी लाइटें ठीक करवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन 13 दिन बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया। इस संबंध में फिर से एक्सईएन और एई दीपक भट से फोन पर बात करने की कोशिश की गई, लेकिन फोन व्यस्त कर दिया। एई ने फोन नहीं उठाया।
लोगों की परेशानी, उन्हीं की जुवानी
वार्ड में पांच साल पहले 1200 स्ट्रीट लाइटें लगाई गई थीं। इनमें से 600 लाइटें बंद पड़ी हैं। इस संबंध में नगर निगम से कई बार बात की गई, लेकिन आजतक कोई कदम नहीं उठाया है। इससे लोग परेशान हैं।
- अनिता शर्मा, पूर्व पार्षद, वार्ड 65
उनके घर के बाहर लगी स्ट्रीट लाइट चार महीने से खराब है। रात को अंधेरे में घर से बाहर जाने में डर लगता है। सिर्फ टार्च और मोबाइल ही सहारा है। नगर निगम लोगों की समस्या को समझे और जल्द कदम उठाए।
- वंश शर्मा, निवासी गजयसिंह पुरा
उनकी गली की सभी स्ट्रीट लाइटें रात को जलती नहीं हैं। कुछ खुद पैसे देकर ठीक करवाई हैं। लेकिन, अभी भी स्थिति खराब है। गलीवासियों को रात को आवागमन करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
- शुभम वर्मा, निवासी गजयसिंह पुरा
नगर निगम का न तो एप काम करता है और न ही टोल फ्री नंबर लगता है। लोग अपनी अपनी समस्या किसको बताएं। कोई सुनने वाला नहीं है। इस कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
- राकेश सिंह लक्की, निवासी गजयसिंह पुरा
एक तो सर्दी और ऊपर से घने कोहरे के कारण रात को अंधेरे में बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। शाम को सैर करना भी अब बंद कर दिया है। क्या पता सड़क में कब आवारा कुत्ते निकले कर आएं। इससे डर लगता है।
- तरसेम शर्मा कानू, निवासी, निवासी गजयसिंह पुरा